मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:00 IST

ट्रम्प के आदेश के बाद अमेरिकी सरकार में AI की जगह अब लिखा जाएगा 'सुपर इंटेलिजेंस'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए हैं। इसके तहत सरकार और संघीय एजेंसियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जगह सुपर इंटेलिजेंस (SI) शब्द इस्तेमाल होगा।

ट्रम्प के आदेश के बाद अमेरिकी सरकार में AI की जगह अब लिखा जाएगा 'सुपर इंटेलिजेंस'
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक खास कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए हैं। इसमें निर्देश दिया गया है कि अमेरिकी सरकार और उसकी सभी संघीय एजेंसियां अब 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) की जगह 'सुपर इंटेलिजेंस' (SI) शब्द का सरकारी तौर पर इस्तेमाल करेंगी। इस आदेश के बाद अमेरिकी प्रशासनिक स्तर पर 'एआई' शब्द इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

ट्रम्प ने जिस आदेश पर दस्तखत किए, उसका नाम है 'सुपर इंटेलिजेंस के युग का शुभारंभ' (Inaugurating the Era of Super Intelligence)। कानून जितनी इजाजत देता है, उस हद तक सभी सरकारी विभागों, मंत्रालयों और केंद्रीय एजेंसियों को अपने रोज के कामकाज, आधिकारिक कागजात, सरकारी वेबसाइट, रिपोर्ट और आम लोगों से संवाद में सिर्फ 'सुपर इंटेलिजेंस' या 'एसआई' (SI) ही लिखना और बोलना होगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह नया नियम फौरन लागू हो रहा है और सभी प्रशासनिक नीति दस्तावेजों में उसी हिसाब से बदलाव किए जाएंगे। हालांकि पहले जारी किए गए नियमों, सरकारी करारों, दिए जा चुके अनुदानों या ऐतिहासिक रिकॉर्ड में पुरानी एंट्री बदली जाएंगी या नहीं, इस बारे में अभी पूरी तस्वीर साफ नहीं की गई है।

ट्रम्प प्रशासन ने इस बदलाव की वजह बताते हुए कहा कि आज की AI तकनीक 70 साल पुरानी परंपरागत परिभाषा और ढांचे से काफी आगे निकल चुकी है। ट्रम्प के मुताबिक अमेरिकी डेवलपर्स और वैज्ञानिकों की बनाई आधुनिक तकनीकी प्रणालियां अब सिर्फ इंसानी बुद्धि की नकल (Simulation) नहीं करतीं, बल्कि इंसानी रचनात्मकता, नएपन और क्षमताओं को अभूतपूर्व ऊंचाई पर ले जा रही हैं। इसलिए प्रशासन के हिसाब से इस तकनीक को 'आर्टिफिशियल' की जगह 'सुपर' कहना वक्त की जरूरत बन गया है।

आदेश के तहत अमेरिकी प्रशासन ने राष्ट्रपति के विज्ञान और तकनीक सहायकों (APST) को 60 दिन की मोहलत दी है। इस दौरान कांग्रेस यानी अमेरिकी संसद में पेश करने के लिए एक मसौदा तैयार किया जाएगा। उसमें 'सुपर इंटेलिजेंस' की नई संघीय कानूनी परिभाषा (Federal Definition) तय की जाएगी और मौजूदा कानूनों में जरूरी संशोधन सुझाए जाएंगे।

यह आदेश जारी करने से पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में अमेरिका की अग्रणी तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक अहम बैठक की। इसमें मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई, ओपनएआई, एनवीडिया, और xAI व टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क जैसे लोग मौजूद थे।

बैठक के बाद प्रशासन ने 'व्हाइट हाउस एकॉर्ड ऑन सुपर इंटेलिजेंस' (White House Accord on Super Intelligence) का ऐलान किया। यह करार सुपर इंटेलिजेंस तकनीक को ज्यादा सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ विकसित करने पर जोर देता है। बैठक में बोलते हुए मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने कहा कि इस बेहद आधुनिक तकनीक पर जनता का भरोसा बनाए रखना बहुत जरूरी है। वहीं एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने सुरक्षा पक्की करने के लिए तकनीक उद्योग और अमेरिकी सरकार के आपसी सहयोग की जरूरत पर खास जोर दिया।

अमेरिका के इस फैसले को दुनिया के तकनीक क्षेत्र को नई दिशा देने वाला बताया जा रहा है। आने वाले वक्त में यह देखना अहम होगा कि दूसरे देश भी AI की इस नई 'सुपर' परिभाषा को अपनाते हैं या नहीं।

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