मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
17:47 IST

तिकोना किल्ले पर QR कोड स्कैन करते ही सुनाई देगा गड का इतिहास, ऑडियो बुक शुरू

मावळ तालुके के तिकोना किल्ले (वितंडगड) पर आने वाले सैलानी अब मोबाइल से QR कोड स्कैन कर गड का इतिहास सुन सकेंगे।

तिकोना किल्ले पर QR कोड स्कैन करते ही सुनाई देगा गड का इतिहास, ऑडियो बुक शुरू
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

वडगाव मावळ: मावळ तालुके का मशहूर ऐतिहासिक तिकोना किल्ला, यानी वितंडगड, अब सैलानियों को अपनी कहानी खुद सुनाएगा। किल्ले पर आने वाले पर्यटकों को गड का इतिहास, यहां की ऐतिहासिक इमारतों और आसपास के इलाके की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

गड पर एक QR कोड लगाया गया है। पर्यटक अपने मोबाइल से इसे स्कैन करेंगे तो तिकोना गड का इतिहास ऑडियो के रूप में सुन पाएंगे। इससे गड घूमने का अनुभव पहले से ज्यादा जानकारी भरा हो जाएगा। अब तक गड के अलग-अलग ठिकानों और इतिहास की जो पारंपरिक जानकारी उपलब्ध थी, उसके साथ-साथ अब एक ऑनलाइन ऑडियो बुक भी तैयार की गई है।

तिकोना किल्ले पर हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक और शिवप्रेमी पहुंचते हैं। लेकिन कई लोगों को गड की इमारतों की अहमियत, उनके पीछे का इतिहास और गड से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं की जानकारी मौके पर देखते वक्त नहीं मिल पाती थी। यही कमी देखते हुए QR कोड के जरिए जानकारी देने की यह पहल की गई है।

24 घंटे मिलेगी जानकारी

इस पहल का फायदा यह है कि पर्यटक अपनी सुविधा के हिसाब से किसी भी वक्त तिकोना गड का इतिहास सुन सकेंगे। यह जानकारी 24 घंटे उपलब्ध रहेगी, इसलिए गड पर आने वाला कोई भी पर्यटक जब चाहे QR कोड स्कैन करके ऐतिहासिक जानकारी हासिल कर सकता है। खास बात यह है कि गड पर अलग-अलग जगहों की जानकारी तक पहुंचने के लिए आधुनिक डिजिटल माध्यम का सहारा लिया गया है।

एआई तकनीक की मदद

इस ऑनलाइन ऑडियो बुक को बनाने में एआई फाउंडेशन और नेटक्रिएटर टेक्नॉलॉजी ने मिलकर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है। कोशिश यह है कि तिकोना गड का इतिहास और उपलब्ध जानकारी ज्यादा असरदार तरीके से पर्यटकों तक पहुंचे। आगे चलकर तिकोना गड के इतिहास के साथ दूसरे ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी भी ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए इस तरह की तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने की मंशा जताई गई। इससे गड घूमने के साथ-साथ पर्यटकों को इतिहास समझने और ऐतिहासिक विरासत को महसूस करने का मौका मिलेगा।

इस पहल से तिकोना गड के इतिहास को सहेजने और फैलाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को गड-किल्लों के इतिहास से जोड़ने की कोशिश भी की जा रही है। जानकारी डिजिटल रूप में मिलने से उम्मीद है कि महाराष्ट्र के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी इसका फायदा होगा।

इस मौके पर तनीर इनामदार, प्रिया जोशी, सुहास गाडेकर, विनोद गोरे, अभिजित पाटील, नितीन भगवत, पियुष कुंभार, संतोष सावळे, किरण चिमटे और अन्य लोग मौजूद थे।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे