ठाकरे बंधुओं के 4 अक्टूबर के मोर्चे पर शिंदे गुट के प्रतीक शर्मा का तंज
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के संयुक्त मोर्चे पर शिंदे गुट के प्रतीक शर्मा ने कार्टून पोस्ट कर टिप्पणी की है।
शिवसेना (UBT) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने चुनाव आयोग की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चे का ऐलान किया है। यह मोर्चा 4 अक्टूबर को मुंबई में निकलेगा। दोनों भाइयों ने दूसरी राजनीतिक पार्टियों और आम नागरिकों से भी इसमें शामिल होने की अपील की है।
मोर्चे से पहले सोमवार को ठाकरे बंधुओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपनी बात रखी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मोर्चा भायखला से CSMT तक निकालने की योजना है। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे पार्टियों के झंडे न लाएं, सिर्फ तिरंगा लेकर आएं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद शिवसेना शिंदे गुट के सोशल मीडिया सेल के प्रभारी प्रतीक शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक कार्टून पोस्ट करके ठाकरे बंधुओं पर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, "सूखे के दौरे पर मार दी काट, फोन पर जम रही है संडे मोर्चे की चाल।" यानी शर्मा के शब्दों में सूखे के दौरे पर काट मार दी गई है और फोन पर संडे मोर्चे की चाल चल रही है।
शर्मा का दावा है कि ठाकरे बंधु सूखा प्रभावित इलाकों के मसलों से ज्यादा तरजीह 4 अक्टूबर के राजनीतिक मोर्चे को दे रहे हैं। यह शिंदे गुट के एक पदाधिकारी का राजनीतिक आरोप है।
दूसरी तरफ ठाकरे बंधुओं ने मोर्चे की वजह बताते हुए मतदाता सूचियों की SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज के तरीके पर भी आरोप लगाए हैं। चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को लेकर यह दावा खारिज किया है कि आयोग के भीतर मतभेद की वजह से फैसले अवैध हो जाते हैं। आयोग का कहना है कि अंतिम फैसला सर्वसम्मति से हुआ था। इस तरह 4 अक्टूबर के मोर्चे से पहले ठाकरे बंधुओं और शिंदे गुट के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होते दिख रहे हैं।
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 4 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एक बड़े संयुक्त 'जन मोर्चा' की घोषणा की है। यह कदम 'एसआईआर' (विशेष गहन पुनरीक्षण) के नाम पर मतदाताओं की हेराफेरी और चुनाव आयोग के कामकाज के विरोध में उठाया गया है।
रूट के बारे में बताया गया है कि भायखला (रिचर्डसन एंड क्रूडास कंपनी) से BMC मुख्यालय या आजाद मैदान तक के रास्ते पर विचार चल रहा है। प्रशासन और पार्टियों के स्तर पर इसके खाके की समीक्षा की जा रही है। ठाकरे बंधुओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों, नेताओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में मोर्चे में शामिल होने की अपील की है। इस संयुक्त मोर्चे के जरिए शिवसेना (UBT) और मनसे ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सत्ताधारी पार्टी को निशाना बनाया है।