SPJIMR में PGDM एडमिशन शुरू, टॉप पैकेज 75 लाख रुपये, आखिरी तारीख 27 नवंबर
भारतीय विद्या भवन की एस.पी. जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च यानी SPJIMR ने अकैडमिक सेशन 2027-2029 के लिए अपने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट यानी PGDM और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट बिजनेस मैनेजमेंट यानी PGDM (BM) प्रोग्राम में एडमिशन के लिए अर्जी मंगाई हैं। जो स्टूडेंट्स इंटरेस्टेड हैं वो एक ही फॉर्म भरकर अपनी पसंद का प्रोग्राम चुन सकते हैं। अर्जी भरने की आखिरी तारीख 27 नवंबर 2026 रखी गई है और स्टूडेंट्स pgdmadmissions.spjimr.org पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।
ये दोनों प्रोग्राम दो साल के फुल टाइम रेजिडेंशियल कोर्स हैं, जो एकेडमिक पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री से जुड़ाव, साथी स्टूडेंट्स से सीखने की प्रोसेस और प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस के जरिए मैनेजमेंट स्किल्स डेवलप करने के लिए बनाए गए हैं। PGDM प्रोग्राम में भारतीय नागरिकों के लिए 240 सीटें रखी गई हैं, जबकि फॉरेन नेशनल्स, ओवरसीज सिटिजन्स ऑफ इंडिया यानी OCI और पर्सन्स ऑफ इंडियन ओरिजिन यानी PIO कैटेगरी के लिए 36 सीटें हैं। वहीं PGDM (BM) प्रोग्राम में हर साल 120 सीटों की एडमिशन कैपेसिटी है।
संस्थान की ग्लोबल पहचान की बात करें तो SPJIMR को EQUIS, AACSB और AMBA जैसी संस्थाओं से इंटरनेशनल ट्रिपल क्राउन मान्यता मिली हुई है। फाइनेंशियल टाइम्स मास्टर्स इन मैनेजमेंट 2026 रैंकिंग में SPJIMR भारत में दूसरे नंबर पर रहा है और लगातार सातवें साल दुनिया के टॉप 50 बिजनेस स्कूलों में जगह बनाई है। कॉलेज का दावा है कि यहां की पढ़ाई में गहरे मैनेजमेंट कोर्सेज के साथ-साथ साथियों से सीखना, इंडस्ट्री इंवॉल्वमेंट, लाइव प्रोजेक्ट्स और क्लासरूम लर्निंग को प्रोफेशनल प्रैक्टिस के साथ जोड़ने पर जोर दिया जाता है। ग्लोबल फास्ट ट्रैक यानी GFT के जरिए स्टूडेंट्स को दुनिया भर के नामी बिजनेस स्कूलों में पढ़ने और खास स्किल्स सीखने का मौका भी मिलता है।
2026 बैच की बात करें तो PGDM और PGDM (BM) प्रोग्राम्स में एवरेज सैलरी 33.75 लाख रुपये सालाना रही, जबकि सबसे ज्यादा पैकेज 75 लाख रुपये सालाना दर्ज किया गया। SPJIMR की फुल टाइम प्रोग्राम्स की एसोसिएट डीन प्रोफेसर रेणुका कामत ने कहा, "SPJIMR में हम स्टूडेंट्स को सिर्फ उनकी पहली नौकरी के लिए नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी मायने रखने वाली लीडरशिप के लिए तैयार करते हैं। हमारे PGDM और PGDM (BM) प्रोग्राम्स में एकेडमिक गहराई, इंडस्ट्री से तालमेल और मकसद की मजबूत समझ का मेल है, जिससे हमारे ग्रेजुएट्स इस तेजी से बदलती दुनिया में बिजनेस और समाज दोनों के लिए वैल्यू क्रिएट कर पाते हैं।"
एलिजिबिलिटी की बात करें तो अप्लाई करने वालों के पास मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी की बैचलर डिग्री या उसके बराबर की क्वालिफिकेशन होनी चाहिए। वर्क एक्सपीरियंस जरूरी नहीं है, यानी फ्रेश ग्रेजुएट्स और पांच साल तक का एक्सपीरियंस रखने वाले कैंडिडेट्स दोनों अप्लाई कर सकते हैं। अर्जी देने वाले CAT 2026 या GMAT का स्कोर जमा कर सकते हैं, जो 1 जनवरी 2024 से 10 दिसंबर 2026 के बीच वैलिड होना चाहिए। डिग्री के लास्ट ईयर में पढ़ रहे स्टूडेंट्स भी अप्लाई करने के एलिजिबल हैं।
SPJIMR के PGDM और PGDM (BM) प्रोग्राम्स की चेयरपर्सन प्रोफेसर अशिता अग्रवाल ने कहा, "आप किसी भी क्लास में चले जाइए, वहां आपको डॉक्टर से बात करता हुआ बैंकर दिखेगा या आर्किटेक्ट की बात से असहमत इंजीनियर दिखेगा। यह विविधता जानबूझकर बनाई गई है। हम सिर्फ मैनेजमेंट के प्रिंसिपल्स नहीं पढ़ाते, बल्कि स्टूडेंट्स तब तक असली प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं और मेंटर्स से बातचीत करते हैं, जब तक थ्योरी एक नेचुरल आदत में न बदल जाए। इंसान पहले ही दिन से काम में ज्यादा सक्षम हो, यह हमारा उसूल हमने नहीं बदला है। क्लासरूम की विविधता, तरीके की सख्ती और नतीजों की कंसिस्टेंसी पर ही हमारा पूरा फोकस है।"
PGDM के स्टूडेंट्स फाइनेंस, इनफॉर्मेशन मैनेजमेंट एंड एनालिटिक्स, मार्केटिंग और ऑपरेशंस एंड सप्लाई चेन में से दो स्पेशलाइजेशन चुन सकते हैं। वहीं PGDM (BM) एक कंप्रिहेंसिव मैनेजमेंट एजुकेशन देने वाला प्रोग्राम है। स्टूडेंट्स अपने करियर के गोल्स के हिसाब से प्रोग्राम चुन सकते हैं।