स्कूलों की संचमान्यता के लिए ३० सितंबर आखिरी तारीख, आधार वैध छात्रसंख्या से होगी तय
महाराष्ट्र के स्कूलों को साल २०२६-२७ की ऑनलाइन संचमान्यता के लिए विद्यार्थियों की जानकारी समय पर और सही भरनी होगी, वरना संचमान्यता जनरेट नहीं होगी।
राज्य के स्कूलों के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आई है। साल २०२६-२७ की ऑनलाइन संचमान्यता ३० सितंबर २०२६ को दर्ज और आधार वैध छात्रसंख्या के आधार पर की जाएगी। इसके लिए स्कूलों को विद्यार्थियों की जानकारी सही तरीके से भरने का काम समय रहते पूरा करना होगा। यह निर्देश माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षण संचालक डॉ. महेश पालकर ने दिया है।
संचमान्यता के लिए विद्यार्थियों की जानकारी भरते वक्त डिवीजन एड, मीडियम, स्ट्रीम, इनऐक्टिव डिवीजन और पेन नंबर जैसी बातें एकदम सही होनी चाहिए। अगर इसमें कोई जानकारी गलत या अधूरी रही, तो संबंधित स्कूल की संचमान्यता जनरेट ही नहीं होगी। यानी सिर्फ फॉर्म भर देना काफी नहीं, हर डिटेल का सही होना जरूरी है। इसके अलावा एक और स्थिति बन सकती है, अगर कुछ विद्यार्थियों की जानकारी सही निकली तो सिर्फ उन्हीं विद्यार्थियों को गिनकर संचमान्यता जनरेट होने की संभावना है, यानी बाकी बच्चों को इसमें शामिल ही नहीं किया जाएगा।
राज्य में सभी तरह के प्रबंधन वाले स्कूलों की संचमान्यता अक्टूबर २०२६ के पहले हफ्ते में जारी करने का प्लान है। इसीलिए ३० सितंबर से पहले स्कूल में विद्यार्थियों की जानकारी, पटसंख्या और बाकी सारा ब्योरा सही है या नहीं, यह पक्का करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों की जानकारी १ अक्टूबर को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया भी पूरी करने के लिए कहा गया है।
इस काम के लिए किसी भी तरह की मुदतवाढ यानी एक्सटेंशन नहीं दी जाएगी। अगर देरी की वजह से संचमान्यता जनरेट नहीं हुई, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित स्तर पर तय की जाएगी। इस बाबत विभागीय शिक्षण उपसंचालक, शिक्षणाधिकारी (माध्यमिक) और शिक्षण निरीक्षकों को सूचना दी गई है। साथ ही गटशिक्षणाधिकारी, केंद्रप्रमुख और मुख्याध्यापकों को तुरंत निर्देश देने का आदेश भी दिया गया है, ताकि हर स्कूल तक यह बात वक्त रहते पहुंच जाए और कहीं कोई कमी न रह जाए।