स्कूल छोड़ चुके बच्चों की तलाश के लिए राज्यभर सर्वे, हर जिले में पुलिस की मदद ली जाएगी
प्राथमिक शिक्षण संचालक शरद गोसावी ने सभी जिलों को स्कूल से बाहर, अनियमित और स्थलांतरित बच्चों का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
जो बच्चे स्कूल से दूर हो गए हैं या स्कूल जाना छोड़ चुके हैं, उनके लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। राज्यभर में ऐसे स्कूल से बाहर, अनियमित और स्थलांतरित बच्चों को ढूंढकर वापस पढ़ाई की मुख्य धारा में लाने के लिए विशेष सर्वे किया जाएगा। यह फैसला पुणे शहर में हुई एक मुहिम की सफलता के बाद लिया गया है।
पुणे पुलिस कमिश्नरेट ने जून और जुलाई 2026 में एक खोजी अभियान चलाया था, जिसमें पूरे 831 स्कूल से बाहर बच्चे मिले। इन बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने आगे की कार्रवाई की योजना बनाई है। इसी तर्ज पर अब राज्य के हर जिले में पुलिस प्रशासन की मदद से यह सर्वे कराने के निर्देश प्राथमिक शिक्षण संचालक शरद गोसावी ने दिए हैं।
असल में यह सर्वे कोई नई व्यवस्था नहीं है। शालेय शिक्षण और खेल विभाग के 23 जून 2022 के सरकारी निर्णय के मुताबिक राज्य में स्कूल से बाहर, अनियमित और स्थलांतरित बच्चों का सर्वे पहले से होता आया है। सर्वे में जो बच्चे मिलते हैं, उन्हें उनके पास वाले स्कूल में दाखिल कराकर उनकी पढ़ाई बिना रुकावट चालू रखने की कोशिश की जाती है। लेकिन अलग-अलग वजहों से अब भी बड़ी तादाद में बच्चे पढ़ाई से दूर पाए गए हैं, यह बात सामने आई है।
बच्चों के स्कूल से दूर रहने के पीछे घर की दिक्कतें, माता-पिता की आर्थिक हालत और पढ़ाई को लेकर बेपरवाही जैसी कई वजहें बताई जा रही हैं। इन्हीं कारणों से कुछ बच्चे स्कूल में दाखिला ही नहीं लेते, तो कुछ दाखिला लेने के बाद भी नियमित नहीं जाते। ऐसे बच्चे अक्सर शहरों की सड़कों, रेलवे स्टेशन और एसटी बस स्टैंड जैसी जगहों पर घूमते मिलते हैं।
इसी वजह से अब राज्य के हर जिले में दूसरे सरकारी विभागों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन का भी सहयोग लेकर यह सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। एक भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रह जाए, इसके लिए जो भी जरूरी कार्रवाई हो वह करने की अपील शिक्षण संचालक ने की है।