सितंबर में SRCC का शताब्दी समारोह, DUSU चुनाव और IIT बॉम्बे तक कैंपस सुर्खियों में रहे
सितंबर 2026 में देश के नामी शिक्षा संस्थान कहीं जश्न, कहीं छात्र राजनीति और कहीं तनाव की वजह से चर्चा में रहे।
सितंबर 2026 का महीना शिक्षा जगत के लिए काफी अहम और हलचल भरा रहा। देश के कई नामी शिक्षा संस्थान अलग-अलग वजहों से राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहे। एक तरफ शताब्दी समारोह की रौनक दिखी, तो दूसरी तरफ छात्र राजनीति का हाई-वोल्टेज ड्रामा चला और कुछ कैंपस में सुरक्षा और अफवाहों को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पूरे महीने की मुख्य घटनाओं पर एक नजर।
महीने की शुरुआत दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100 साल पूरे होने के जश्न से हुई। यह देश के अग्रणी कॉमर्स कॉलेजों में गिना जाता है। 5 सितंबर को हुए शताब्दी समारोह में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे। खास बात यह रही कि वे आम लोगों की तरह दिल्ली मेट्रो से सफर करके कॉलेज तक आए और रास्ते में युवाओं से बातचीत भी की। इस ऐतिहासिक मौके पर उन्होंने 100 रुपये का एक खास स्मारक सिक्का भी जारी किया।
सितंबर के बीच में दिल्ली यूनिवर्सिटी के DUSU चुनावों ने राजधानी की सियासत गरमा दी। इस चुनाव में ABVP ने केंद्रीय पदों पर अपनी पकड़ बनाई। इसी बीच दक्षिण दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR) की छात्राओं ने सुरक्षा के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। कैंपस के बाहर रोशनी की कमी और पुलिस गश्त न होने जैसे गंभीर सवालों पर उन्होंने बड़ा मोर्चा निकाला। सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए वहां ऑनलाइन क्लास का आदेश देना पड़ा।
सितंबर के आखिरी हफ्ते में पंजाब की दो बड़ी निजी यूनिवर्सिटी, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और चितकारा यूनिवर्सिटी, चर्चा में आईं। सोशल मीडिया पर कुछ बिना पुष्टि वाली और भ्रामक अफवाहें फैलीं, जिससे छात्रों में अचानक गुस्सा भड़क उठा और कैंपस में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए। हालात काबू में रखने के लिए भारी पुलिस बंदोबस्त लगाना पड़ा। प्रशासन ने अफवाहों को खारिज कर दिया और सारे दावों को नकार दिया, लेकिन सुरक्षा के तौर पर कुछ समय के लिए छुट्टियां घोषित कर दी गईं।
IIT बॉम्बे में सितंबर का वक्त बेहद तनाव भरा रहा। साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले ने पूरे कैंपस को हिला दिया और छात्रों का तीखा गुस्सा साफ नजर आया। छात्रों ने मामले की गहराई से जांच की मांग की और संस्थान के निदेशक तथा संबंधित प्रोफेसरों पर कार्रवाई की मांग रखी। छात्रों के बढ़ते गुस्से और तनाव को देखते हुए IIT बॉम्बे प्रशासन को मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं फिलहाल टालनी पड़ीं।