मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
17:59 IST

सिंगापुर में च्युइंगम पर रोक, जापान में दफ्तर में झपकी: दुनिया के अजीब रिवाज

सिंगापुर, जापान, फ्रांस, चीन और उत्तर कोरिया के कुछ अनोखे नियम और परंपराएं।

सिंगापुर में च्युइंगम पर रोक, जापान में दफ्तर में झपकी: दुनिया के अजीब रिवाज
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

हर जगह के रीति-रिवाज, रहन-सहन और परंपराएं अलग होती हैं। कई बार वे हमें नई और हैरान करने वाली लगती हैं। जो बात हमें आम लगती है, उसे दूसरे देश में अलग नजर से देखा जा सकता है। इसी तरह दूसरे देशों की कुछ परंपराएं हमें चौंका सकती हैं। यहां दुनिया की ऐसी ही कुछ अजीब परंपराओं और मान्यताओं की बात है।

सबसे पहले सिंगापुर। बचपन में च्युइंगम आपने कई बार खाई होगी। बच्चों का यह पसंदीदा स्नैक है। लेकिन सिंगापुर ऐसी जगह है जहां च्युइंगम खाने पर मनाही है। इस देश में 1992 से च्युइंगम की बिक्री, आयात और उसे बनाने, तीनों पर बैन लगा हुआ है।

अब जापान की बात। भारत में अगर कोई कर्मचारी काम के वक्त सोता पाया जाए, तो उसे अनप्रोफेशनल और कामचोर माना जाता है। मगर जापान में दफ्तर में सोना गलत नहीं, बल्कि अच्छा माना जाता है। जापानी संस्कृति में दोपहर की नींद को 'इनेमुरी' (inemuri) कहते हैं, जो एक पारंपरिक विधि है। जापानी नजरिए से दफ्तर में सोने का मतलब यह है कि उस व्यक्ति ने इतना काम किया है कि उसकी नींद पूरी नहीं हो पाई।

फ्रांस में एक कानून है, जिसके तहत पार्टनर की मौत के बाद भी उसके साथ शादी की जा सकती है। किसी के गुजर जाने के बाद आमतौर पर सिर्फ उसकी यादें साथ रहती हैं, पर फ्रांस में यह रास्ता खुला है। वहां इसे 'मैरिज पोस्ट्यूम' (marriage postume) कहा जाता है।

चीन में शादी जुड़वाने का तरीका भी अलग है। भारत में आज भी अरेंज मैरिज को ज्यादा अहमियत दी जाती है, और उसी तरह पुरानी परंपराओं को ज्यादा तरजीह दी जाती है। चीन में रिश्ता तय करने के लिए घर पर कांदेपोहे का कार्यक्रम नहीं होता। इसके बजाय लोग पार्क में सार्वजनिक तौर पर लगने वाले मैरिज मार्केट में जाते हैं। वहां का शंघाई मैरिज मार्केट बहुत मशहूर है।

आखिर में उत्तर कोरिया, जो सरकार की सख्त पाबंदियों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। वहां आम लोगों पर बहुत सी सामान्य बातों के लिए भी कड़े नियम लगाए गए हैं। कहा जाता है कि इस देश में सरकार ने करीब 15 से 28 हेयरस्टाइल चुने हैं, जिन्हें नागरिक अपना सकते हैं। यानी सरकार से मंजूर इन्हीं चुनिंदा हेयरस्टाइल में से नागरिकों को अपनी हेयरस्टाइल चुननी पड़ती है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे