सिडनी में सोमवार को 37 डिग्री का अंदेशा, जंगल की आग के खतरे पर हाई अलर्ट जारी
ऑस्ट्रेलिया में प्रशासन ने सिडनी और आसपास के इलाकों के लिए बढ़ते तापमान को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है।
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ऑस्ट्रेलिया में पिछले कुछ दशकों में खासकर 'ऑक्टोबर हिट' (October Heat) के दौरान जंगलों में आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं। ये घटनाएं इतनी भीषण थीं कि इनकी आंच आसपास के शहरों तक पहुंची थी। इसी पृष्ठभूमि में वहां के प्रशासन ने राजधानी सिडनी और उसके आसपास के इलाके में बढ़ते तापमान को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है।
वहां के मौसम विभाग ने सोमवार के लिए सिडनी के पश्चिमी हिस्से में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई थी। गरमी और उमस भरे मौसम की वजह से जंगल में आग भड़कने का खतरा और बढ़ गया है।
न्यू साउथ वेल्स राज्य के रूरल फायर डिपार्टमेंट यानी ग्रामीण अग्निशमन विभाग ने ग्रेटर सिडनी और ग्रेटर हंटर इलाके में आग से बचाव के पूरे उपाय लागू कर दिए हैं। इस दौरान खुली जगह में आग जलाने, कुछ खास ईंधन से चलने वाले बारबेक्यू और ग्राइंडिंग व वेल्डिंग जैसे कामों पर रोक लगा दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार का दिन पिछले कई महीनों का सबसे गरम दिन हो सकता है। अगर तापमान 37 डिग्री तक पहुंचता है तो वह अक्टूबर के औसत तापमान से 10 से 11 डिग्री ज्यादा होगा। सिडनी में इससे पहले फरवरी में इससे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया था।
मौसम विभाग के अनुसार न्यूकैसल के उत्तर से लेकर वोलोंगोंग तक के इलाके में तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दोपहर के दौरान इसमें बदलाव आएगा और वहां तेज उमस भरी हवाएं चल सकती हैं।
न्यू साउथ वेल्स रूरल फायर सर्विस के कमिश्नर ट्रेंट कर्टिन ने चेतावनी दी है कि राज्य के कई इलाकों में तेज आंधी, बिजली की कड़क और गरज के साथ तूफान आने की संभावना है, लेकिन इससे पर्याप्त बारिश होने की उम्मीद नहीं है। इसके उलट वहां बहुत गरम या बहुत उमस भरी हवाएं चलेंगी।
ऐसे हालात में 'ड्राय लाइटनिंग' यानी सूखी बिजली गिरने से आग लगने का खतरा बना हुआ है। यानी बिजली कड़कने के साथ गिर सकती है, मगर बारिश काफी न होने की वजह से जंगल या सूखे इलाकों में आग लगने की आशंका रहती है।
सूखी बिजली उस स्थिति को कहते हैं जब गरजते बादलों से जमीन पर बिजली गिरती है, मगर उस वक्त होने वाली बारिश या तो जमीन तक पहुंचती नहीं, या पहुंच भी जाए तो आग बुझाने के किसी काम की नहीं होती। ऐसे में बिजली गिरने से जंगल या घास के मैदान में आग तेजी से भड़क उठती है।
कर्टिन ने लोगों से अपील की है कि खुले मैदान में आग या ज्वलनशील चीजें न रखें। उन्होंने कहा कि अनुकूल परिस्थितियों की वजह से इस साल अग्निशमन विभाग पिछले सालों के मुकाबले बेहतर अग्निशमन तकनीक के साथ हालात पर नजर रखे हुए है, ताकि जंगल की आग का खतरा कम किया जा सके।
इसी बीच ऑस्ट्रेलिया की संघीय आपातकालीन प्रबंधन मंत्री क्रिस्टी मैकबेन ने आपातकालीन चेतावनी प्रणाली का विस्तार करने पर जोर दिया। इस प्रणाली के तहत आपात स्थिति में प्रभावित इलाके के आसपास मौजूद मोबाइल फोन पर अलार्म बजता है और संदेश भी जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल विक्टोरिया और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया ने इस प्रणाली का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के कई हिस्सों में बहुत गरम हवाएं चली थीं। इसलिए तभी से वहां का प्रशासन ऑक्टोबर हिट को देखते हुए अलर्ट मोड पर आ गया था।