मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:47 IST

शेयर बाजार फिर लुढ़का, HDFC बैंक में बड़ी बिकवाली, निफ्टी 22,400 के नीचे फिसला

सोमवार को अच्छी शुरुआत के बाद बाजार दोपहर में गिर गया। HDFC बैंक, HCL Tech और एशियन पेंट्स के शेयर कमजोर रहे।

शेयर बाजार फिर लुढ़का, HDFC बैंक में बड़ी बिकवाली, निफ्टी 22,400 के नीचे फिसला
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को फिर गिरावट आई। पिछले लगातार आठ हफ्तों से बाजार नकारात्मक स्तर पर कारोबार कर रहा था, इसलिए उम्मीद थी कि नौवें हफ्ते की शुरुआत में कुछ सकारात्मक माहौल दिखेगा। पिछले कुछ दिनों के हालात देखें तो बाजार पर दबाव भी उतना ही था।

सोमवार की शुरुआत अच्छे ट्रेंड के साथ हुई। ग्लोबल बाजारों में सुधरे माहौल की वजह से भारतीय बाजार ने मजबूती से शुरुआत की और कारोबार के दौरान निफ्टी 22,621.80 अंक तक चढ़ा। लेकिन दोपहर 12 बजे के आसपास निफ्टी अचानक नीचे आ गया। इसके बाद दबाव बढ़ता गया और इंडेक्स 22,400 के नीचे फिसल गया। दोपहर 12 बजे सेंसेक्स भी 71850 अंक तक गिर गया।

इस गिरावट में HDFC बैंक और HCL Tech के शेयर आगे रहे। इंडेक्स की सबसे बड़ी कंपनी HDFC बैंक के शेयरों में करीब 2.50 प्रतिशत की भारी बिकवाली हुई, जिससे निफ्टी बैंक इंडेक्स पर दबाव आया। इसके अलावा एशियन पेंट्स के शेयर भी 2.5 प्रतिशत टूटे।

गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बताई जा रही है। विदेशी निवेशक लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। डॉलर इंडेक्स की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में बढ़त की वजह से विदेशी फंड भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर ज्यादा सुरक्षित विकल्पों की तरफ जा रहे हैं। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।

दुनिया भर में भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भी डर बढ़ा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतें प्रति बैरल 100 डॉलर के ऊपर चल रही हैं। बाजार जानकारों के मुताबिक जब तक निफ्टी 22,650-22,700 के स्तर को दोबारा नहीं छूता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव और दबाव बना रह सकता है।

अमेरिका से कुछ अच्छे संकेत भी आए हैं। वहां के बाजार में तेजी है, फिर भी भारतीय बाजार में गिरावट जारी रही। एक्सेंचर के जुलाई-सितंबर 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों से घरेलू बाजार में आईटी शेयरों को सहारा मिला। 1 अक्टूबर को एक्सेंचर के शेयरों में 22 प्रतिशत की उछाल आई, जो कंपनी के इतिहास का सबसे अच्छा दिन रहा।

दूसरी तरफ सितंबर में अमेरिका में रोजगार में बढ़त उम्मीद से कम रही और पिछले दो महीनों के नॉन-फार्म पेरोल डेटा में बड़ी गिरावट आई। इस वजह से फेडरल रिजर्व के इस महीने ब्याज दर बढ़ाने की संभावना लगभग खत्म हो गई है।

शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे