मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:00 IST

शेख हसीना का ऐलान: दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी, हर सज़ा का सामना करने को तैयार

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे इसी साल दिसंबर में देश लौटेंगी, पासपोर्ट सील होने के बावजूद।

शेख हसीना का ऐलान: दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी, हर सज़ा का सामना करने को तैयार
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वे इसी साल दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। 79 साल की हसीना ने यह बात यूके के थिंक टैंक 'ग्लोबल सेंटर फॉर डेमोक्रेटिक गवर्नेंस' की तरफ से कराई गई वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। 2024 में हुए हिंसक जन आंदोलनों के बाद उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी और देश से बाहर जाना पड़ा था।

हसीना ने बताया कि फिलहाल उनका पासपोर्ट सील किया हुआ है। फिर भी, उनके मुताबिक, वे कानूनी रास्ता तलाश रही हैं और सही वक्त आने पर अपने लौटने का पक्का प्लान बताएंगी। उन पर गंभीर आरोप हैं और कई मुकदमे चल रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वे वापस जाकर हर नतीजे और सज़ा का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

सत्ता बदलने के दौर में आंदोलनकारियों पर हुई सख्त कार्रवाई के सिलसिले में हसीना के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। एक मामले में वहां की अदालत ने उन्हें फांसी की सज़ा भी सुनाई है। हसीना इस फैसले से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि यह पूरा मुकदमा राजनीतिक बदले की भावना से चलाया गया है। उन्होंने कहा, "गिरफ्तारी या जेल का डर मुझे अपने देश की जनता के प्रति मेरे फर्ज़ से दूर नहीं रख सकता।"

पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लौटने का उनका फैसला सिर्फ अपने राजनीतिक भविष्य के लिए नहीं है। उनके मुताबिक इसका ताल्लुक देश के लोगों से उनके गहरे रिश्ते से है। इससे पहले जुलाई और 5 अगस्त को हुई अंतरराष्ट्रीय प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू में भी उन्होंने इशारा किया था कि वे दिसंबर में अवामी लीग के बाकी साथियों के साथ देश लौटेंगी।

हसीना ने अवामी लीग के राजनीतिक अधिकारों की भी पुरज़ोर वकालत की। उनका कहना था कि देश में सच्चा लोकतंत्र दोबारा कायम करना है तो अवामी लीग पार्टी पर लगी पाबंदी फौरन हटानी होगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ उनके बेटे साजीब वाजेद जॉय और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल भी मौजूद थे। दोनों ने पार्टी की आगे की रणनीति और राजनीतिक दिशा के बारे में बताया। जॉय ने कहा कि मौजूदा अंतरिम सरकार ने उनसे सीधे कोई संपर्क नहीं किया है, लेकिन पार्टी अपनी नीतियों पर कायम रहकर लड़ाई जारी रखेगी।

हसीना की इस घोषणा के बाद ढाका समेत पूरे एशिया की राजनीति में हलचल है। अब सबकी नज़र इस पर है कि दिसंबर में क्या होता है।

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