संत गजानन महाराज के निस्सीम भक्त के उत्तर कार्य में शेगाव, आळंदी समेत राज्यभर से पहुंचे वारकरी संत
सिंदखेड राजा में स्वर्गीय सखाराम जानजीबा तिडके की उत्तरक्रिया और तेरहवीं के कार्यक्रम में शेगाव, आलंदी और आसपास के इलाके से वारकरी संत पहुंचे और हजारों श्रद्धालुओं ने कीर्तन का लाभ लिया।
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सिंदखेड राजा के हरिभक्त परायण बालाजी महाराज तिडके के पिता, स्वर्गीय सखाराम जानजीबा तिडके की उत्तरक्रिया और तेरहवीं के कार्यक्रम के मौके पर हाल ही में एक अत्यंत भक्तिमय और भव्य समारोह संपन्न हुआ। इस धार्मिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध कीर्तनकार हरिभक्त परायण संतोष महाराज खेडकर खंडाळे, राजनगाव गणपती का सुमधुर कीर्तन बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस कीर्तन का लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया।
इस धार्मिक समारोह में वारकरी संप्रदाय के जाने-माने कलाकारों की खास मौजूदगी रही। हरिभक्त परायण धनंजय महाराज खरात (शेगाव), हरिभक्त परायण गणेश महाराज ईलग (शेगाव), श्री बंडू महाराज खरात (जांभोरा) और दूसरे झांझ बजाने वाले, गायक व वादकों ने भी साथ दी। मृदंग की सेवा ज्ञानेश्वर महाराज जाधव, वैभव महाराज इंगळे, सोपान महाराज कायंदे और शशिकांत महाराज मुंडे जैसे प्रतिभावान मृदंग वादक मंडली ने बेहतरीन ढंग से निभाई।
स्वर्गीय सखाराम जानजीबा तिडके की उत्तरक्रिया के मौके पर इस दौरान एक छोटे और स्नेह भरे सत्कार का आयोजन भी किया गया था। इस मौके पर डी.वाय.एस.पी. बांगर साहब, महाराष्ट्र वारकरी परिषद के अध्यक्ष हरिभक्त परायण बाळासाहेब ढोकले (आळंदी देवाची) और संजय सोनुने मौजूद थे। इनके साथ आळंदी, शेगाव और आसपास के इलाके के कई प्रतिष्ठित वारकरी संत मंडली और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
दिवंगत हरिभक्त परायण सखाराम महाराज शेगाव के श्री संत गजानन महाराज के निस्सीम और अनन्य भक्त थे। गजानन महाराज की भक्ति ही उनका एकमात्र जीवन का कार्य था। उनकी इसी अपार भक्ति और साधना की वजह से, और उनके इसी निस्सीम भक्तिमय कार्य के गौरव के तौर पर, शेगाव और आळंदी के प्रसिद्ध महाराजों और वारकरी संतों की मौजूदगी इस समारोह में खास तौर पर दिखाई दी।
इस पूरे कार्यक्रम की वजह से पूरी सिंदखेडराजा नगरी में कुछ समय के लिए एक अलग और भारी भक्तिमय माहौल बन गया था।