संजय राऊत का दावा: राज ठाकरे और राहुल गांधी के बीच बात चल रही है
ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने कहा कि मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच संवाद जारी है।
ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने दावा किया है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच सीधी बातचीत चल रही है। राऊत ने आज सुबह मीडिया से बात करते हुए यह बात कही। उनके इस दावे के बाद देश में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।
यह दावा ऐसे वक्त आया है जब केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशभर से विरोध की आवाजें उठ रही हैं। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग बढ़ रही है और चुनाव आयोग के खिलाफ देशभर के विपक्षी दल एकजुट होते दिख रहे हैं।
राऊत ने कहा, "राज ठाकरे और राहुल गांधी के बीच संवाद चल रहा है। सभी विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं के बीच ऐसा संवाद क्यों नहीं होना चाहिए?" उन्होंने यह भी कहा कि आज का आंदोलन राहुल गांधी के शुरू किए आंदोलन का ही हिस्सा है। राऊत के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री ममता बॅनर्जी भी अब बैठक में आ रही हैं और उनसे भी बातचीत चल रही है।
राऊत ने बताया कि आज की बैठक का एजेंडा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के गैरकारभार के खिलाफ है।
शरद पवार के एनडीए में जाने के बारे में पूछे जाने पर राऊत ने कहा कि पवार ने साफ कहा है, "हम कहीं नहीं जाएंगे। जिन्हें आना है, वे हमारे साथ आएं।" राऊत के अनुसार इसलिए पवार कहीं नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि शरद पवार महाविकास आघाडी और इंडिया आघाडी के प्रमुख नेता हैं और उनकी अगुवाई वाली मूल राष्ट्रवादी कहीं नहीं जाएगी।
पवार की भाजपा नेताओं से मुलाकातों पर राऊत ने कहा कि सहकारी क्षेत्र, बैंकिंग या पारिवारिक कामों के लिए भी राजनीतिक नेताओं के बीच मुलाकातें होती रहती हैं, और इनमें राजनीति लाना गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शरद पवार की मूल पार्टी पूरी ताकत से महाविकास आघाडी के साथ, विपक्षी गठबंधन में ही डटी रहेगी।
राज्य में सूखे के हालात पर राऊत ने कहा कि कर्ज लेने के बजाय कैबिनेट मंत्री और दूसरे मंत्रियों को 500-500 करोड़ के ठेके देकर दलाली वसूली गई। उनका कहना था कि सरकार जनता से खर्च घटाने को कहती है, जबकि खुद उसे खर्च घटाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि बार-बार चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली क्यों जाया जा रहा है और 50 करोड़, 100 करोड़ में विधायक-सांसद क्यों खरीदे जा रहे हैं। राऊत के मुताबिक यह खर्च घटाकर सूखा पीड़ितों को दिया जाए, यह ज्यादा आसान है। उन्होंने कहा कि कर्ज लेकर त्योहार मनाना खजाने की लूट है। उन्होंने यह भी कहा कि लाडकी बहीण योजना के नाम पर पुरुषों को भी योजना का लाभ दिया गया, वहां खर्च घटाया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारामती दौरों के बारे में पूछे जाने पर राऊत ने कहा, "मोदीजी बारामती आते-जाते रहते हैं, वह उनकी ट्रैवलिंग कंपनी है और वे फ्री टिकट बांटते रहते हैं।" उन्होंने कहा कि अजित पवार और एकनाथ शिंदे की पार्टियां उनकी अपनी नहीं, बल्कि गृहमंत्री अमित शाह की पार्टियां हैं। राऊत के मुताबिक जब अमित शाह दिल्ली की राजनीति में नहीं होंगे, तब इन पार्टियों का भविष्य क्या होगा, इस पर उन्हें चिंतन बैठक करनी चाहिए। राऊत ने यह भी कहा कि आगे चलकर नरेंद्र मोदी ही ये सारी पार्टियां डुबो देंगे।
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