मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:00 IST

संजय दत्त ने "भारत में शांति नहीं" वाले बयान पर दी सफाई, कहा- स्क्रिप्ट का हिस्सा था

'शेखर टुनाइट' में दिए बयान पर सोशल मीडिया पर विवाद के बाद संजय दत्त ने अपनी बात साफ की।

संजय दत्त ने "भारत में शांति नहीं" वाले बयान पर दी सफाई, कहा- स्क्रिप्ट का हिस्सा था
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त अपने एक बयान की वजह से चर्चा में हैं। 'शेखर टुनाइट' कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, "मुझे अब भारत में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती।" इस बयान पर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई और विवाद खड़ा हो गया। अब संजय दत्त ने इस पर सफाई दी है।

संजय दत्त ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक बयान शेयर करके अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में उन्होंने जो कुछ कहा, वह पहले से तय था और स्क्रिप्ट का हिस्सा था। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, उनका अपमान करना या उनका अनादर करना उनका इरादा नहीं था।

अपनी पोस्ट में संजय दत्त ने लिखा कि उस बातचीत का मकसद सिर्फ हल्का-फुल्का और मजाकिया माहौल बनाना था। उनके मुताबिक उनके बयान का अलग मतलब निकाला गया और उनके शब्दों को संदर्भ से काटकर लिया गया।

उन्होंने आगे बताया कि उनके बयान के पीछे की भावना 'मुन्नाभाई' जैसी फिल्मों के हास्य और व्यंग्य के अंदाज से जुड़ी थी। खासकर 'गांधीगिरी' के विचार के जरिए प्यार, अपनापन, एकता और सद्भावना का संदेश देना मकसद था, ऐसा उन्होंने कहा।

कार्यक्रम में संजय दत्त से कहा गया था कि वे खुद को देश का प्रधानमंत्री मानकर कुछ मिनट लोगों को संबोधित करें। तब उन्होंने 'मुन्नाभाई' के अंदाज में व्यंग्य भरा भाषण दिया था।

इस भाषण में संजय दत्त ने भारत के प्यार, शांति और मेहमाननवाजी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, "मुझे अब अपने देश में वही शांति महसूस नहीं होती।" साथ ही उन्होंने प्रार्थना की थी कि पुराने दिन फिर लौट आएं। संजय दत्त ने अपनी सफाई में कहा है कि इस बयान का अलग मतलब निकाला गया।

इसी बीच हाल ही में संजय दत्त का एक और बयान भी चर्चा में रहा था। एक कार्यक्रम में उनसे मराठी में बोलने के लिए कहा गया था। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने भी उनसे मराठी में बोलने का आग्रह किया था।

इस पर संजय दत्त ने मजाकिया लहजे में कहा था कि उन्होंने येरवडा जेल में छह साल बिताए, फिर भी मराठी नहीं सीख पाए। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ ने उनके जवाब की तारीफ की, तो कुछ ने इस पर आलोचना की।

अब 'भारत में शांति नहीं' वाले बयान पर संजय दत्त की सफाई के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

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