रोम में गाझा के लिए विरोध, पादरियों ने ३०० बच्चों के नाम लिखे कफन लेकर निकाला मार्च
इटली की राजधानी रोम में ईसाई पादरियों और नन्स ने गाझा, वेस्ट बैंक और लेबनान में मारे गए बच्चों की याद में सफेद कफन लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
इटली की राजधानी रोम में एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जहां ईसाई पादरियों ने गाझा में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए सड़कों पर मार्च निकाला। इस मार्च का आयोजन 'Priests Against Genocide' नाम के एक ग्रुप ने किया था। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपने हाथों में सफेद रंग के दफनवस्त्र यानी कफन ले रखे थे, जिन पर करीब ३०० बच्चों के नाम लिखे गए थे।
इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए दुनिया का ध्यान गाझा, व्याप्त वेस्ट बैंक और लेबनान में हुए संघर्ष में जान गंवाने वाले बच्चों की तरफ खींचने की कोशिश की गई। मार्च में शामिल धर्मगुरुओं, नन्स और दूसरे कार्यकर्ताओं ने ये बड़े सफेद कपड़े हाथों में उठा रखे थे, जिन पर बच्चों के नाम दर्ज थे।
आयोजकों का कहना है कि यह पहल इसलिए की गई ताकि यह संदेश दिया जा सके कि युद्ध में हुई मौतें सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि हर मरने वाले की अपनी एक पहचान और अपना परिवार होता है। इस मार्च के जरिए गाझा समेत मध्यपूर्व में चल रहे युद्ध, आम नागरिकों की मौत और हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ भी आवाज उठाई गई।
प्रदर्शन में शामिल धर्मगुरुओं ने शांति और नागरिकों की सुरक्षा की मांग की। उनका दावा है कि युद्धविराम के दौरान भी हिंसा जारी रही, और इसीलिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस हालात को गंभीरता से लेने की अपील की।
बता दें कि ७ अक्टूबर २०२३ से इस्रायल गाझापट्टी पर हमला कर रहा है, और अब २३ सितंबर को इस हमले को दो साल ११ महीने पूरे हो चुके हैं। कई देशों का मानना है कि यह हमला दुनिया के सबसे बड़े नरसंहारों में से एक है, हालांकि कुछ देश अब भी इस्रायल के साथ खड़े हैं। इस हमले में बड़ी संख्या में महिलाओं और छोटे बच्चों की जान गई है, जिनका इस पूरे मामले से कोई सीधा संबंध नहीं था। सिर्फ फिलिस्तीनी होने की वजह से इनकी जान गई। हमले के चलते गाझा का आधे से ज्यादा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है, और बाहर से मिलने वाली मदद भी रोक दी गई है, जिसके चलते भूख से भी कई लोगों की मौत हुई है।
इस पूरे हिंसाचार को लेकर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत ने नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ है।