RBU नागपुर के पहले दीक्षांत समारोह में चंद्रकांत पाटिल बोले, डिग्री नहीं स्किल पर दें ध्यान
नागपुर की रामदेवबाबा यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह में उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने स्नातकों को व्यावहारिक कौशल और नवाचार पर जोर देने की सलाह दी।
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नागपुर की रामदेवबाबा यूनिवर्सिटी यानी RBU में शनिवार को पहला दीक्षांत समारोह हुआ, जिसमें प्रमुख अतिथि के तौर पर पहुंचे राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बच्चों को सिर्फ डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि असली फोकस व्यावहारिक कौशल पर होना चाहिए।
पाटिल ने अपने भाषण में नई शिक्षा नीति यानी एनईपी का जिक्र करते हुए कहा कि इसके कुछ पहलुओं में अभी और सुधार की जरूरत है। उन्होंने स्नातकों से कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के जो लक्ष्य तय किए गए हैं, उसमें समाज के लिए ठोस योगदान देना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने स्टार्टअप बनाने, रिसर्च करने, नवाचार यानी इनोवेशन, इनक्यूबेशन और पेटेंट पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
अपनी बात को समझाने के लिए मंत्री ने एक स्मार्ट हेलमेट का उदाहरण दिया और कहा कि इस तरह के रिसर्च पर आधारित और इनोवेटिव प्रोडक्ट ही आगे चलकर देश की तरक्की को रफ्तार देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाने के लिए बच्चों को कई भाषाओं का कौशल हासिल करना चाहिए। इसी कार्यक्रम में RBU के ब्लॉकचेन से सुरक्षित डिग्री सर्टिफिकेट भी लॉन्च किए गए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीडियो संदेश के जरिए सभा को संबोधित किया और दीक्षांत समारोह को कृतज्ञता, गर्व और नई शुरुआत का पल बताया। उन्होंने कहा कि विकसित महाराष्ट्र को आगे बढ़ाने और गांव-देहात के समुदायों को ऊपर उठाने में नागपुर की बड़ी भूमिका है।
रामदेवबाबा सार्वजनिक समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण नुवाल ने कहा कि असली कामयाबी इसी में है कि मुश्किल हालात को अपने फायदे में कैसे बदला जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यह दुनिया मौकों से भरी पड़ी है, बस वही उन्हें देख पाता है जिसके पास दूरदृष्टि और समझ हो।
अपने अध्यक्षीय भाषण में RBU के अध्यक्ष डॉ. एसएस मंधा ने कहा कि ऐसे संस्थानों की जरूरत है जो सिर्फ नियम मानने के बजाय सवाल पूछने की आदत को अहमियत दें। उपकुलपति डॉ. राजेश पांडे ने यूनिवर्सिटी के अब तक के सफर के बारे में बताया।
इस दीक्षांत समारोह में एनबीए, रमप और एमटेक के स्नातकों को डिग्रियां दी गईं। साथ ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 6 मेडल भी दिए गए। अनिकेत पांडे, पूर्वी व्यवहारे और चेताली कारनेकर को गोल्ड मेडल मिला, जबकि जेसिका भट्ट, जाह्नवी सिंह और रूपक भैसारे को सिल्वर मेडल से नवाजा गया।
कार्यक्रम में समिति के महासचिव राजेंद्र पुरोहित, उपाध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम पालडीवाल, प्रदीपकुमार अग्रवाल, कैलाशचंद अग्रवाल, एड. प्रदीप अग्रवाल, अशोक कुमार पवेरीवाला, दिनेश अग्रवाल और राजेश संघानी फैकल्टी मेंबर्स के साथ मौजूद रहे। कुलसचिव डॉ. संजय बोडखे, डॉ. मनोज चाड़क, डॉ. अभिजीत अगारी और डॉ. विशाल शुक्ला भी इस मौके पर शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्राची साठती, डॉ. प्रीति मगरुलकर और डॉ. ऋजुता जोशी ने किया।