मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:00 IST

रात में फल खाने से ब्लड शुगर पर असर पड़ता है क्या, जानिए फल खाने का सही टाइम

डिनर के बाद मीठा खाने का मन हो तो कई लोग फल खा लेते हैं, लेकिन डायबिटीज वाले लोगों के मन में सवाल रहता है कि रात में फल खाने से शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है क्या।

रात में फल खाने से ब्लड शुगर पर असर पड़ता है क्या, जानिए फल खाने का सही टाइम
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

रात के खाने के बाद अगर मीठा खाने का मन करे तो बहुत से लोग फल की तरफ मुड़ जाते हैं। लेकिन जिन लोगों को डायबिटीज है या ब्लड शुगर की दिक्कत रहती है, उनके मन में अक्सर यह सवाल आता है कि रात में फल खाने से ब्लड शुगर में अचानक उछाल आ सकता है क्या। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फलों में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और नैचुरल शुगर ब्लड ग्लूकोज पर असर डाल सकती है, लेकिन इसमें फल का टाइप, मात्रा, फॉर्म और खाने का टाइम भी उतना ही मायने रखता है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डायबिटीज वाला व्यक्ति भी अपनी डाइट में पूरा फल शामिल कर सकता है, बस खाना प्लान करते वक्त उसमें मौजूद कार्ब्स का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे बड़ी बात यह है कि सिर्फ रात में फल खाना अपने आप में ब्लड शुगर बढ़ने की वजह नहीं है। यह असर ज्यादातर फल की मात्रा, उस पर हुई प्रोसेसिंग और उस व्यक्ति के शरीर के ग्लूकोज रिस्पॉन्स पर डिपेंड करता है।

फलों में नैचुरली कार्ब्स के साथ-साथ फ्रुक्टोज और ग्लूकोज जैसी शुगर भी होती है, इसलिए फल खाने के बाद ब्लड शुगर में थोड़ा बढ़ना नॉर्मल फिजिकल रिएक्शन है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि रात में हर तरह का फल खाने से शुगर लेवल अचानक बढ़ जाएगा। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के मुताबिक पूरे फल में मौजूद फाइबर पाचन की स्पीड और ग्लूकोज के अब्जॉर्ब होने पर असर डाल सकता है, यही वजह है कि पूरा फल खाने का असर फलों के जूस पीने से अलग होता है। इसी वजह से डायबिटीज वालों के लिए पूरा फल कार्ब्स का सही सोर्स माना जा सकता है, और जूस के मुकाबले पूरे फल को ज्यादा तवज्जो दी जाती है।

कुछ फलों को लेकर एक्सपर्ट्स ने अलग से बताया है। केले में कार्ब्स होते हैं और ज्यादा मात्रा में खाने पर ग्लूकोज लेवल बढ़ सकता है, इसलिए डायबिटीज वाले लोगों के लिए बड़ी मात्रा में केला खाने के बजाय कम मात्रा में खाना ज्यादा प्रैक्टिकल हो सकता है। आम को डायबिटीज में पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, पर उसकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी बताया गया है क्योंकि ज्यादा आम खाने से कार्ब्स का सेवन बढ़ सकता है। अंगूर आसानी से बड़ी मात्रा में खाए जा सकते हैं, इसलिए यहां दिक्कत फल में नहीं बल्कि उसकी मात्रा में हो सकती है। एक स्टडी में शामिल 17 टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों और 20 हेल्दी लोगों पर हुई रिसर्च में पाया गया कि लीची का जीआई केले, अमरूद और अंगूर से ज्यादा है, इसलिए रात में लीची खाते वक्त उसकी मात्रा सीमित रखने की सलाह दी गई है। सूखे मेवे जैसे किशमिश और खजूर में पानी की मात्रा कम होती है, जिससे उनमें शुगर और कार्ब्स ज्यादा कंसंट्रेटेड हो जाते हैं। अमेरिकन डायबिटिक एसोसिएशन के मुताबिक करीब 2 चम्मच सूखे मेवे में लगभग 15 ग्राम कार्ब्स हो सकते हैं।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक डायबिटीज के लिए कोई एक बेस्ट फल हर किसी के लिए एक जैसा नहीं होता, फिर भी पूरे, कम से कम प्रोसेस किए गए और फाइबर वाले फल आमतौर पर बेहतर ऑप्शन माने जाते हैं। सेब, बेरी, नाशपाती और संतरे को सीमित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है। यह भी बताया गया है कि फलों की नैचुरल शुगर और मिठाई की एक्स्ट्रा शुगर को एक जैसा मानना ठीक नहीं, क्योंकि फलों में शुगर के साथ फाइबर, विटामिन्स, मिनरल्स भी होते हैं, जबकि केक-कैंडी में एक्स्ट्रा शुगर ज्यादा और फाइबर कम या ना के बराबर होता है। 'डायबिटीज जर्नल' के 'स्टैंडर्ड्स ऑफ केयर' के मुताबिक डायबिटीज और प्री-डायबिटीज वालों को डाइट में पूरे फल और कम प्रोसेस्ड चीजें शामिल करने और मिठाई व शुगरी ड्रिंक्स सीमित रखने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, रात में फल खाना ब्लड शुगर के लिए अपने आप में नुकसानदायक नहीं है। हां, डायबिटीज वालों के लिए फल का टाइप, मात्रा और फॉर्म जरूर मायने रखता है। पूरा फल खाने को प्राथमिकता दें और जूस व सूखे मेवों की मात्रा पर खास ध्यान रखें। अगर ब्लड शुगर पहले से ज्यादा रहता है तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही रात में फल खाएं।

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