राष्ट्रीय पुरस्कार के बाद सावनी रवींद्र को मंगेशकर परिवार का 'लता मंगेशकर पुरस्कार 2026'
भारतरत्न लता मंगेशकर की चौथी पुण्यतिथि पर हुए खास संगीत कार्यक्रम में गायिका सावनी रवींद्र को मंगेशकर परिवार ने सम्मानित किया।
भारतरत्न स्वरसाम्राज्ञी लता मंगेशकर की चौथी पुण्यतिथि पर एक खास संगीत कार्यक्रम रखा गया था, और इसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी पार्श्वगायिका सावनी रवींद्र को मंगेशकर परिवार की तरफ से दिया जाने वाला प्रतिष्ठित 'भारतरत्न लता मंगेशकर पुरस्कार 2026' दिया गया।
संगीत के क्षेत्र में सावनी रवींद्र के काम को देखते हुए उन्हें यह मान का पुरस्कार दिया गया। मंगेशकर परिवार के हाथों मिला यह सम्मान उनके करियर का बहुत गर्व और भावुक करने वाला पल बन गया।
इस खास समारोह में उद्योगपति प्रतापराव पवार, भावगंधर्व पं. हृदयनाथ मंगेशकर, वरिष्ठ गायिका उषा मंगेशकर, मंगेशकर परिवार के लोग, पद्मश्री पं. सुरेश वाडकर, चंद्रकांतदादा पाटील, मेधा कुलकर्णी और मशहूर गायक राहुल देशपांडे के साथ कई और क्षेत्रों के जाने-माने लोग मौजूद थे। इन सभी बड़े नामों की मौजूदगी में सावनी रवींद्र को यह पुरस्कार दिया गया।
पुरस्कार लेने के बाद अपनी भावनाएं बताते हुए सावनी रवींद्र ने कहा, "मंगेशकर परिवार के हाथों मिला यह 'भारतरत्न लता मंगेशकर पुरस्कार' मेरे लिए सिर्फ एक सम्मान नहीं है, बल्कि मेरे पूरे संगीत सफर को मिला सबसे बड़ा आशीर्वाद है। लतादीदी के नाम पर दिए जाने वाले इस पुरस्कार को लेते वक्त शब्द कम पड़ रहे हैं।" उन्होंने यह सम्मान अपने माता-पिता, वरिष्ठ शास्त्रीय गायक डॉ. रविंद्र घांगुर्डे और डॉ. वंदना घांगुर्डे, और अपने सभी गुरुओं को समर्पित किया।
उन्होंने कहा, "मेरी जिंदगी में संगीत के संस्कार डालने वाले मेरे माता-पिता, राह दिखाने वाले मेरे गुरु और मुझसे प्यार करने वाले सुनने वाले, इन सबके आशीर्वाद के बिना यह पल मुमकिन नहीं होता।" इस तरह उन्होंने अपनी कृतज्ञता जताई।
उन्होंने यह भी कहा कि लतादीदी की अनमोल संगीत विरासत ने कई पीढ़ियों को प्रेरणा दी है, और उनके नाम पर दिया जाने वाला यह पुरस्कार मंगेशकर परिवार के हाथों लेना उनकी जिंदगी के सबसे भावुक और याद रहने वाले पलों में से एक है। संगीत की दुनिया में सबसे बड़ी प्रेरणा मानी जाने वाली भारतरत्न लता मंगेशकर के नाम का यह पुरस्कार पाना हर गायक-गायिका के लिए बड़े गौरव की बात है, और सावनी रवींद्र की कामयाबी में यह पुरस्कार एक और मान का तुरा बनकर जुड़ गया है।