राजुरा में सीमा पर चल रहे जुआ क्लब पर पुलिस की रेड, 50 लाख नकद बरामद
महाराष्ट्र-तेलंगणा सीमा पर सोनुर्ली-लकडकोट इलाके में चल रहे एक जुआ क्लब पर पुलिस ने छापा मारकर करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया।
चंद्रपुर जिले के राजुरा तालुका में महाराष्ट्र-तेलंगणा सीमा पर बसे सोनुर्ली-लकडकोट इलाके में रविवार को पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वहां चल रहे एक विवादित क्लब पर अचानक रेड डाली। पुलिस को पहले से गोपनीय सूचना मिली थी कि मनोरंजन के नाम पर चल रहे इस क्लब में बड़े स्तर पर जुआ खेला जा रहा है। छापे के दौरान मौके से करीब 50 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी और जुआ खेलने का सामान जब्त किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस की इस धड़ाकेदार कार्रवाई से सीमावर्ती इलाके में चल रहे क्लब सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
यह इलाका महाराष्ट्र और तेलंगणा राज्य की सीमा पर पड़ने की वजह से दोनों राज्यों के बड़े जुआरियों के लिए एक सुरक्षित अड्डा बन गया था। सूत्रों के मुताबिक रविवार को इस क्लब में तेलंगणा से भी बड़ी संख्या में पैसे वाले खिलाड़ी पहुंचे थे। जैसे ही पुलिस की टीम अचानक क्लब में घुसी, जुआ खेल रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और सब भागने लगे। बंद कमरों के अंदर टेबल पर लाखों रुपयों की गड्डियां और ताश के पत्ते फैले हुए थे, तभी पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया।
छापे के वक्त क्लब में काफी भीड़ जमा थी। पुलिस ने मौके से करीब 150 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें से कितने असली खिलाड़ी हैं और कितने क्लब के स्टाफ हैं, साथ ही किस-किस के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, इसकी जांच फिलहाल थाने में चल रही है। मौके से जब्त की गई नकदी गिनने का काम और जब्ती का पंचनामा बनाने की प्रोसेस देर रात तक चलती रही।
राजुरा उपविभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे आईपीएस अधिकारी कुमार सुशांत (एसडीपीओ), जो सख्त कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं, उनके कार्यकाल में सीमावर्ती इलाके में चल रहे अवैध धंधों पर पुलिस का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। हाल ही में राजुरा के चर्चित पापा जाधव हत्याकांड में संगठित अपराध पर लगाम कसते हुए मकोका के तहत कार्रवाई की गई थी। अब सीधे सीमावर्ती इलाके के जुआ अड्डे पर हुई इस बड़ी कार्रवाई को अवैध धंधे चलाने वालों के लिए सीधी चेतावनी माना जा रहा है।
इस रेड के बाद स्थानीय स्तर पर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यह क्लब आखिर किस लाइसेंस के आधार पर चलाया जा रहा था? मनोरंजन या खेल के नाम पर मिले लाइसेंस का गलत इस्तेमाल करके यहां कैसीनो की तर्ज पर अवैध जुआ अड्डा कौन चला रहा था? इस रैकेट के पीछे सीमा के उस पार किसका पैसा लगा हुआ है? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक दिन के छापे तक सीमित न रहकर क्लब चलाने वालों, फाइनेंसरों और उन्हें स्थानीय स्तर पर सपोर्ट देने वालों के पूरे नेटवर्क को उजागर करने तक जानी चाहिए। जब्त की गई नकदी, जुआ का सामान और दर्ज किए गए केस को लेकर पुलिस की तरफ से आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही इस कार्रवाई की पूरी तस्वीर साफ होगी। फिलहाल सोनुर्ली में हुए इस छापे से सीमावर्ती इलाके की क्लब कल्चर की पोल खुल गई है और इलाके में खलबली मची हुई है।