राजापुर के भु गांव में 60 लाख का पुल, ग्रामीणों ने खर्च पर उठाए सवाल
राजापुर तालुका के भु गांव में समाजकल्याण विभाग के फंड से बने पुल के काम पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है और जांच की मांग की है।
राजापुर तालुका के भु गांव में बौद्धवाडी की तरफ जाने वाले रास्ते पर एक पुल बनाया गया था। इस पर समाजकल्याण विभाग के फंड से करीब 60 लाख रुपये खर्च हुए। अब गांव के लोगों ने इस काम पर गंभीर आपत्ति जताई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल तो बन गया, लेकिन उसके दोनों तरफ का रास्ता पूरा नहीं किया गया। इस वजह से आने-जाने में बहुत दिक्कत हो रही है। लोगों का कहना है कि इतना पैसा खर्च होने के बावजूद रास्ते की हालत सुधरी नहीं, इसलिए पुल का पैसा बेकार चला गया। इस रास्ते से गाड़ी चलाना अब मुश्किल हो गया है। गांव में कोई मरीज बीमार पड़े तो उसे अस्पताल ले जाते वक्त परिवार वालों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है, ऐसा ग्रामीणों का कहना है।
ग्रामीणों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक पुल का काम चल रहा था, तब ठेकेदार ने कोई दूसरा रास्ता उपलब्ध नहीं कराया। इस वजह से शुरुआती दौर में एक महिला को वक्त पर इलाज नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई। यह आरोप भी ग्रामीणों ने ही लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद काम गलत तरीके से होने की बात ठेकेदार और जिला परिषद के इंजीनियरों के ध्यान में लाई गई थी। फिर भी काम आगे चलता रहा। उनका यह भी आरोप है कि स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बावजूद पुल का काम पुलिस बंदोबस्त में किया गया। इसलिए उनकी मांग है कि पूरे काम की तकनीकी जांच हो और सच्चाई सामने रखी जाए।
समाजकल्याण विभाग के जरिए पिछड़ी वर्ग की बस्तियों के विकास के लिए मिलने वाला 60 लाख रुपये का फंड क्या सही तरीके से इस्तेमाल हुआ, यह सवाल ग्रामीण पूछ रहे हैं। राजापुर तालुका के भु गांव के लोगों ने मांग की है कि जांच में यह देखा जाए कि पुल के काम की क्वालिटी कैसी है और काम अंदाजपत्रक के हिसाब से हुआ है या नहीं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि पुल के दोनों तरफ का रास्ता अधूरा क्यों छोड़ा गया।
इस मामले में संबंधित विभाग के अधिकारी, ठेकेदार और जिला परिषद प्रशासन का क्या कहना है, यह जानना अब अहम होगा।