पुरानी कार या बाइक बेच रहे हैं? RC ट्रांसफर के कागज, फीस और अवधि जान लें
गाड़ी बेचने के बाद RC पर नए मालिक का नाम चढ़ना जरूरी है। कागजात, फीस और अर्जी की मियाद की जानकारी।
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पुरानी कार या बाइक खरीदते वक्त सिर्फ पैसे देकर गाड़ी ले लेना काफी नहीं होता। गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) पर नए मालिक का नाम दर्ज होना भी उतना ही जरूरी है। जब तक RC ट्रांसफर पूरा नहीं होता, सरकारी रिकॉर्ड में पुराना मालिक ही गाड़ी का कानूनी मालिक माना जा सकता है। ऐसे में बेचने के बाद ट्रैफिक चालान, बकाया टैक्स या एक्सीडेंट से जुड़ी जिम्मेदारियों का सवाल खड़ा हो सकता है।
RC ट्रांसफर के लिए कौन से कागज लगते हैं? गाड़ी का मालिकाना हक बदलने के लिए बेचने वाले को फॉर्म 29 भरकर बिक्री की सूचना देनी होती है, जबकि खरीदने वाले को फॉर्म 30 के जरिए मालिकाना हक ट्रांसफर की अर्जी देनी होती है। इसके साथ RC, वैध बीमा सर्टिफिकेट और संबंधित RTO की मांगी हुई बाकी कागजात जमा करने पड़ते हैं। राज्य के नियम के मुताबिक PUC सर्टिफिकेट, पते का सबूत, पैन कार्ड या फॉर्म 60 और दूसरे कागज भी मांगे जा सकते हैं।
अगर गाड़ी किसी दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड है तो NOC की जरूरत पड़ सकती है। गाड़ी के मालिक की मौत हो गई हो तो वारिस के लिए फॉर्म 31 लगता है, और सार्वजनिक सरकारी नीलामी से गाड़ी ली गई हो तो फॉर्म 32 लागू हो सकता है।
RC ट्रांसफर की फीस कितनी है? दी गई गाइड की जानकारी के मुताबिक केंद्रीय नियम से आम RC ट्रांसफर की बुनियादी फीस दोपहिया के लिए 150 रुपये और प्राइवेट कार के लिए 300 रुपये हो सकती है। लेकिन असल खर्च गाड़ी के प्रकार, राज्य के नियम, बकाया टैक्स और दूसरे लागू शुल्क के हिसाब से बदल सकता है। इसलिए अर्जी देने से पहले संबंधित RTO या परिवहन विभाग के पोर्टल पर ताजा फीस जांच लें।
अर्जी की आखिरी मियाद क्या है? उसी राज्य में गाड़ी का मालिकाना हक बदलता है तो 14 दिन के अंदर अर्जी देना अपेक्षित है। दूसरे राज्य की गाड़ी के लिए यह मियाद 45 दिन तक हो सकती है। देर होने पर अतिरिक्त शुल्क या जुर्माना लग सकता है। गाड़ी बेचने से पहले बकाया चालान और टोल की देनदारी चुका देना चाहिए, और यह भी जांच लेना चाहिए कि गाड़ी पर लिया लोन पूरा चुक गया है या नहीं। बीमा नए मालिक के नाम कराने के लिए बीमा कंपनी से संपर्क करना चाहिए।
ऑनलाइन RC ट्रांसफर कैसे करें? परिवहन विभाग के Vahan पोर्टल पर जाकर गाड़ी का नंबर डालें, जरूरी वेरिफिकेशन पूरा करें और 'Transfer of Ownership' का विकल्प चुनें। अर्जी में जानकारी भरकर लागू फीस जमा करें। कुछ राज्यों में कागज ऑनलाइन अपलोड किए जा सकते हैं, जबकि कुछ जगह RTO में खुद जाना जरूरी होता है।
अर्जी का नंबर और फीस की रसीद संभालकर रखें। एजेंट की मदद ले रहे हों तो खाली फॉर्म पर दस्तखत न करें और हर पेमेंट की आधिकारिक रसीद जरूर लें। नियम राज्य और RTO के हिसाब से बदल सकते हैं, इसलिए अर्जी देने से पहले ताजा जानकारी जांच लेना ठीक रहेगा।