पितृपक्ष में पैदा हुए बच्चों का भविष्य कैसा? ज्योतिष की मान्यताएं क्या कहती हैं
पितृपक्ष में जन्मे बच्चों को लेकर ज्योतिष और धार्मिक मान्यताएं क्या कहती हैं, जानिए।
हिंदू धर्म में पितृपक्ष को पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति आदर जताने का समय माना जाता है। इन दिनों परिवार अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे विधि करते हैं। इस बार पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू हुआ है और 10 अक्टूबर तक चलेगा। पंचांग के मुताबिक सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को है।
बहुत से लोगों के मन में सवाल आता है कि पितृपक्ष के दौरान पैदा होने वाले बच्चों का भविष्य कैसा होता है। क्या ऐसे बच्चों को पूर्वजों का खास आशीर्वाद मिलता है, या फिर जिंदगी में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है? ज्योतिषशास्त्र में इस बारे में जो कहा गया है, वह आगे बताया गया है।
ज्योतिषशास्त्र और धार्मिक श्रद्धा के मुताबिक पितृपक्ष का समय नकारात्मकता का नहीं होता। इसे उलटे पूर्वजों की मौजूदगी और आशीर्वाद का समय बताया गया है। माना जाता है कि इस दौरान जन्म लेने वाले बच्चों को पूर्वजों से सीधा आशीर्वाद मिलता है।
धार्मिक श्रद्धा के अनुसार पितृपक्ष पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता जताने का काल है। श्राद्ध और तर्पण करके उन्हें श्रद्धांजलि देने की परंपरा है। ज्योतिष में जन्म का समय अहम माना जाता है। इसलिए पितृपक्ष में जन्मे बच्चे की कुंडली में सूर्य, चंद्र, लग्न और दूसरे ग्रहों की स्थिति देखकर उसके व्यक्तित्व और आगे की संभावनाओं का आकलन किया जाता है। यानी सिर्फ पितृपक्ष में पैदा होने से उसकी जिंदगी परेशानियों से भरी होगी, ऐसा नहीं माना जाता। उसी तरह, सिर्फ इस वजह से वह बहुत भाग्यशाली होगा, यह भरोसा भी नहीं होता।
कुछ धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में जन्मे बच्चों का अपने परिवार और पूर्वजों से गहरा भावनात्मक रिश्ता बन सकता है। कहा जाता है कि ऐसे बच्चे पारिवारिक परंपराओं, विधियों और रिश्तों से जुड़े रहते हैं। कुछ मान्यताओं में ऐसे जन्म को पूर्वजों से जुड़ा एक खास संयोग भी माना जाता है।
अगर बच्चे का जन्म पितृपक्ष में हुआ हो और माता-पिता ज्योतिष के हिसाब से उसका भविष्य जानना चाहें, तो जन्म की सही तारीख, समय और जगह के आधार पर जन्मकुंडली बनाई जा सकती है। इसमें लग्न, चंद्र राशि, जन्म नक्षत्र, ग्रहों की स्थिति और हालात शामिल होते हैं। इन्हीं के आधार पर बच्चे के स्वभाव, पढ़ाई, करियर और जिंदगी के दूसरे पहलुओं से जुड़े ज्योतिषीय संकेतों पर चर्चा की जाती है।
धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई जैसे विषयों की ये जानकारियां सिर्फ पाठकों की जानकारी के लिए हैं। इनसे जुड़ा कोई भी प्रयोग करने से पहले जानकारों की सलाह जरूरी है।