पितृपक्ष में दिखने वाले 5 संकेत जिन्हें शुभ माना जाता है
पितृपक्ष 2026 शुरू हो चुका है, इस दौरान कुछ खास संकेतों को लेकर मान्यता है कि इनका दिखना शुभ होता है।
पितृपक्ष 2026 शुरू हो गया है। इन दिनों में पूर्वजों को याद करते हुए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। मान्यता के अनुसार इन 15 दिनों में कुछ खास संकेत दिखना बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि अगर इन दिनों में ये संकेत मिल जाएं तो समझ लीजिए पितरों की कृपा बरस रही है और जीवन में सुख-समृद्धी आने वाली है।
पहला संकेत यह है कि पितृपक्ष के दौरान अगर अचानक घर के मुख्य दरवाजे या उंबरठे पर गाय आ जाए तो इसे बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसका मतलब है कि पूर्वज खुश हैं और घर में जल्दी ही दरिद्रता दूर होकर सुख-समृद्धी आने वाली है। कहा जाता है कि दरवाजे पर आई गाय को खाली हाथ नहीं भेजना चाहिए, बल्कि उसे खाना या चारा जरूर खिलाना चाहिए।
दूसरा संकेत सपने से जुड़ा है। अगर रात में सोते वक्त सपने में पूर्वज दिखें और वे खुश या प्रसन्न मुद्रा में हों, तो इसे भी बहुत सकारात्मक संकेत बताया जाता है। मान्यता के मुताबिक इसका मतलब है कि जीवन की सारी बाधाएं दूर होने वाली हैं और हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
तीसरा संकेत घर में काली चींटियों के आने से जुड़ा है। कहा जाता है कि पितृपक्ष में अगर घर में अचानक काली चींटियां ज्यादा दिखने लगें तो उन्हें मारना नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें चीनी और आटा खिलाना चाहिए। मान्यता है कि काली चींटियों का आना आर्थिक तरक्की और परिवार में सुखद बदलाव का संकेत होता है।
चौथा संकेत सूखे पेड़ों से जुड़ा है। बताया जाता है कि अगर घर या बगीचे में कोई सूखा हुआ पेड़ पितृपक्ष के दिनों में अचानक हरा-भरा हो जाए तो इसे पितृदोष से मुक्ति मिलने का समय माना जाता है। इसे प्रकृति और पितरों के आशीर्वाद का चमत्कार बताया जाता है।
पांचवां संकेत किसी के अन्न मांगने से जुड़ा है। मान्यता है कि इस पवित्र समय में अगर कोई जरूरतमंद व्यक्ति दरवाजे पर आकर अन्न या खाना मांगे तो उसे मना नहीं करना चाहिए, बल्कि अपनी क्षमता के मुताबिक उसे अन्नदान करना चाहिए। कहा जाता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद सीधे मिलता है।
यह जानकारी धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।