पीएम मोदी ने वीडियो कॉल पर कैप्टन स्मित माच्छर से की बात, हालचाल पूछा और बहादुरी को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लायदुबई के पायलट कैप्टन स्मित माच्छर से वीडियो कॉल पर बात कर उनकी तबीयत पूछी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लायदुबई (Flydubai) के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माच्छर से वीडियो कॉल पर सीधे बात की। उन्होंने कैप्टन की तबीयत के बारे में पूछा और जल्दी ठीक होने की शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा, "पूरे भारत को आपकी बहादुरी पर गर्व है।"
सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित को "असली हीरो" कहा। उन्होंने लिखा कि कैप्टन ने जो संयम और अटल इरादा दिखाया, वह देशवासियों के लिए प्रेरणा है। यूपीएससी के शताब्दी समारोह में भी मोदी ने कैप्टन स्मित की असाधारण हिम्मत का जिक्र किया था।
मामला दुबई से इस्राइल के तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की उड़ान का है। विमान 34,000 फीट की ऊंचाई पर तेजी से आगे बढ़ रहा था, तभी कॉकपिट में अचानक हंगामा मच गया। बताया गया है कि को-पायलट ने अचानक हमलावर होकर कैप्टन स्मित पर जानलेवा हमला किया। फिर उसने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेकर उसे तेजी से नीचे लाने की कोशिश की। कुछ ही मिनटों में विमान 17,000 फीट नीचे आ गया और केबिन में अफरा-तफरी मच गई।
कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल थे और उनके शरीर से खून बह रहा था, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। हालात हाथ से निकलते देख उन्होंने मन मजबूत किया, मन ही मन हनुमान चालीसा का जाप किया और किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद बाकी केबिन क्रू और कुछ सतर्क यात्री अंदर दौड़े। उन्होंने हमलावर को-पायलट को पकड़कर काबू में कर लिया।
कॉकपिट पर दोबारा कंट्रोल मिलने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी में उतारा गया। वहां कैप्टन स्मित को शुरुआती इलाज दिया गया और फिर आगे के इलाज के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ले जाया गया। विमान में सवार सभी 170 से ज्यादा यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।
कैप्टन स्मित की हिम्मत की तारीफ सिर्फ भारत में नहीं, दुनिया भर में हो रही है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुलकर उन्हें सलाम किया। नेतन्याहू ने कहा, "इस भारतीय पायलट की बेमिसाल हिम्मत की वजह से 9/11 जैसा भयानक आतंकी हमला टल गया और हमारे सैकड़ों नागरिकों की जान बच गई।" नेतन्याहू समेत दुनिया के कई नेताओं ने उन्हें "रियल हीरो" कहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विमानन क्षेत्र के कई जानकारों ने भी उनके हौसले को सलाम किया है।
प्रधानमंत्री से बात करते हुए कैप्टन स्मित काफी भावुक हो गए। उस घड़ी को याद करते हुए उन्होंने कहा, "उस वक्त मुझे लगा था कि विमान जरूर गिर जाएगा, लेकिन मेरी आंखों के सामने सैकड़ों बेगुनाह यात्रियों के चेहरे थे। मैं बस अपना फर्ज निभाने की कोशिश कर रहा था।" उन्होंने विनम्रता से यह भी कहा कि यात्रियों की जान उनकी वजह से नहीं, बल्कि भगवान की कृपा और पूरी टीम के सहयोग से बची है।