मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:01 IST

फ्रांस में खुलेगा भारत का पहला IIT कैंपस, जोशी और बैप्टिस्ट की बैठक में हुई चर्चा

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और फ्रांस के मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट की बैठक में फ्रांस में IIT कैंपस खोलने पर चर्चा हुई।

फ्रांस में खुलेगा भारत का पहला IIT कैंपस, जोशी और बैप्टिस्ट की बैठक में हुई चर्चा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

भारत सरकार फ्रांस की जमीन पर अपना पहला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी IIT कैंपस शुरू करने की बड़ी तैयारी कर रही है। भारत की उच्च शिक्षा और तकनीक की ताकत अब पूरी दुनिया में दिख रही है, और भारत और फ्रांस के मजबूत होते रिश्तों में यह एक नया अध्याय माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच शिक्षा में सहयोग तो बढ़ेगा ही, रिसर्च और तकनीक के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव दिखेंगे।

यह बात हाल ही में हुई एक अहम बैठक में सामने आई। भारत के केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट के बीच मुलाकात हुई। इसमें फ्रांस में नया IIT कैंपस खोलने पर विस्तार से बात हुई। दोनों देशों का सबसे ज्यादा जोर स्टूडेंट्स और प्रोफेसरों का आदान-प्रदान बढ़ाने और दोनों देशों के शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी बनाने पर था।

बैठक में सबसे ज्यादा जोर इसी योजना पर रहा कि फ्रांस में IIT कैंपस बने। हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर यह साफ नहीं किया गया है कि भारत का कौन सा IIT फ्रांस में अपना नया कैंपस खोलेगा और वहां कौन से कोर्स पढ़ाए जाएंगे। इस कदम से यह दिखता है कि यूरोप के देशों में भी भारतीय शिक्षा व्यवस्था और IIT ब्रांड का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है। इससे पहले भी भारत के IIT विदेश में अपने कैंपस शुरू कर चुके हैं, लेकिन फ्रांस की यह शुरुआत यूरोप में भारतीय तकनीक की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगी।

बैठक में एक और अहम प्रशासनिक मुद्दे पर बात हुई, यानी Mutual Recognition of Qualifications का करार। इसका सीधा मतलब यह है कि दोनों देशों की डिग्रियों को एक-दूसरे के यहां आसानी से मान्यता मिल सकेगी। इससे फ्रांस में पढ़ने वाले भारतीय स्टूडेंट्स और भारत से डिग्री लेने वाले फ्रांसीसी स्टूडेंट्स को नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए किसी कानूनी या प्रशासनिक अड़चन का सामना नहीं करना पड़ेगा।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की दी हुई जानकारी के मुताबिक दोनों देशों ने सिर्फ कैंपस शुरू करने पर ही बात नहीं की। उन्होंने कई और सरकारी कार्यक्रमों के जरिए रिसर्च को बढ़ावा देने की योजना भी बनाई है। SPARC (Scheme for Promotion of Academic and Research Collaboration) और GIAN (Global Initiative of Academic Networks) जैसी बड़ी योजनाओं के जरिए दोनों देशों के वैज्ञानिक और रिसर्चर साथ मिलकर काम करेंगे।

यह पूरी चर्चा 'भारत इनोव्हट 2026' और 'भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष 2026' की पृष्ठभूमि में हो रही है। साल 2026 को दोनों देश मिलकर 'इनोवेशन ईयर' के तौर पर मना रहे हैं, और ऐसे बड़े फैसलों को जमीन पर उतारने के लिए यह एक अच्छा मंच साबित हो रहा है।

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