फ्लायदुबई विमान में सह-पायलट का चाकू से हमला, कैप्टन स्मित माछार की हिम्मत की तारीफ
फ्लायदुबई की FZ1073 उड़ान में सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित माछार पर चाकू से हमला किया। ट्रम्प और नेतन्याहू ने बहादुरी की तारीफ की।
हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर फ्लायदुबई की उड़ान FZ1073 में ऐसा वाकया हुआ, जिसकी चर्चा अब पूरी दुनिया में है। उड़ान के दौरान अचानक इमरजेंसी जैसे हालात बन गए। विमान को संभाल रहे भारतीय मुख्य पायलट कैप्टन स्मित माछार पर उन्हीं के साथ बैठे ओमान के सह-पायलट ने चाकू से हमला कर दिया। बताया गया है कि यह सह-पायलट विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेकर उसे गिराने की कथित कोशिश कर रहा था।
शरीर पर गंभीर जख्म होने के बावजूद कैप्टन माछार ने हिम्मत और सूझबूझ दिखाई। इसी की वजह से सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। घटना की खबर फैलते ही दुनिया भर में चिंता जताई गई, और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने भारतीय पायलट की खुलकर तारीफ की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस मामले को गंभीरता से लिया और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर सीधे बात की। मीडिया से बातचीत में ट्रम्प ने कहा, "मैंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद भयानक घटना के बारे में बात की है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वह सह-पायलट शायद कोई आतंकवादी या मानसिक रूप से अस्थिर आदमी रहा होगा। उसने मुख्य पायलट पर बड़ी क्रूरता से चाकू से हमला किया। कैप्टन की हालत बहुत नाजुक थी, लेकिन उन्होंने पूरी हिम्मत और समझदारी से कॉकपिट का दरवाजा खोला। एक तरह से उन्होंने बड़ी बहादुरी और हीरो जैसा काम किया है।" ट्रम्प ने भारतीय पायलट के साथ-साथ बीच-बचाव करने वाले हिम्मती यात्रियों का भी खास शुक्रिया अदा किया।
कॉकपिट से चीखने और झगड़ने की आवाजें सुनकर विमान के अंदर बैठे यात्रियों में घबराहट फैल गई थी। इसी बीच विमान बहुत तेजी से हजारों फीट नीचे जमीन की तरफ गिरने लगा था। इजरायली यात्री यानिव हायून ने एक पल गंवाए बिना कदम उठाया। कॉकपिट का दरवाजा खुला दिखते ही वे अंदर दौड़े और सह-पायलट को मुख्य पायलट की सीट से पूरी ताकत से खींचकर बाहर निकाला। दूसरे यात्रियों की मदद से उन्होंने हमलावर को गले से पकड़कर पूरी तरह काबू में कर लिया। विमान उड़ाने का कोई तजुर्बा न होने के बावजूद, सिर्फ यात्रियों की जान बचाने के इरादे से उन्होंने कॉकपिट पर कब्जा वापस पाने में अहम भूमिका निभाई।
हालात शांत होने और हमलावर के हिरासत में आने के बाद, बुरी तरह जख्मी कैप्टन स्मित माछार और विमान के क्रू ने मिलकर विमान पर फिर से कंट्रोल हासिल किया। सभी यात्रियों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देते हुए विमान को सऊदी अरब के एक नजदीकी एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया।
इसके बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यात्री यानिव हायून से मुलाकात कर उनका खास सम्मान किया। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "यानिव, आप सच्चे हीरो हैं। हम शेरों का राष्ट्र हैं!"
इस जानलेवा हमले के पीछे असल मकसद क्या था, इसकी पड़ताल फिलहाल अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां और स्थानीय अधिकारी कर रहे हैं। कैप्टन स्मित माछार के बेहिसाब हौसले की भारत और इजरायल के राजनयिक दूतावासों समेत पूरी अंतरराष्ट्रीय विमानन बिरादरी तारीफ कर रही है। जान की परवाह किए बिना एक बड़े संभावित हवाई हादसे को टालने वाले इन दोनों हीरो को दुनिया भर से बधाइयां मिल रही हैं।