मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

फ्लायदुबई FZ1073 में सह-पायलट का कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला, यात्रियों ने उसे पकड़ा

यूएई से इजरायल जा रही फ्लायदुबई की उड़ान में कॉकपिट के भीतर हमला हुआ। यात्रियों ने सह-पायलट को बांधा और विमान सऊदी अरब में उतरा।

फ्लायदुबई FZ1073 में सह-पायलट का कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला, यात्रियों ने उसे पकड़ा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

यूएई से इजरायल की तरफ जा रही फ्लायदुबई की उड़ान FZ1073 में 30 हजार फुट की ऊंचाई पर एक खौफनाक वारदात हुई। विमान के सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने अचानक मुख्य कैप्टन स्मित मच्छर पर जानलेवा हमला कर दिया। उसने कॉकपिट में रखी इमरजेंसी कुल्हाड़ी से कैप्टन पर गहरे वार किए। इस हमले से विमान में अफरा-तफरी मच गई और विमान का कंट्रोल हाथ से निकलने के हालात बन गए थे।

गहरे जख्मों के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने हिम्मत नहीं हारी। आखिरी कोशिश के तौर पर उन्होंने कॉकपिट का सिक्योरिटी दरवाजा अनलॉक कर दिया। दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद यात्रियों और ऑफ-रोस्टर पायलटों को अंदर चल रही लड़ाई का पता चल गया। सबसे पहले ताली मानेस को आवाज सुनाई दी और उन्होंने मदद के लिए पुकारा। इसके बाद यानिव हायुन, असाफ राजौआन और झविका मानेस फौरन कॉकपिट में दौड़े और हमलावर सह-पायलट को काबू में कर लिया।

हमलावर के पकड़े जाने के बाद भी विमान के अंदर माहौल तनाव भरा रहा। केबिन क्रू ने यात्रियों से कहा कि वे अपनी सीटों पर लौट जाएं और कॉकपिट के आसपास की जगह खाली कर दें। लेकिन जो कुछ हुआ था, उसके बाद यात्रियों के मन में क्रू को लेकर शक पैदा हो गया। उन्हें डर था कि इस पूरे मामले या साजिश में केबिन क्रू का भी हाथ हो सकता है। इसलिए यात्रियों ने क्रू की बात साफ तौर पर ठुकरा दी और बंधे हुए हमलावर को छोड़ने से मना कर दिया।

जीविका मानेस और डैनियल श्लिक्टर नाम के यात्रियों ने बताया कि क्रू के सदस्य उन पर दबाव डाल रहे थे। यात्रियों ने अपनी सुरक्षा को पहले रखते हुए हमलावर को इयरफोन के तारों से कसकर बांध रखा। उनका साफ कहना था, "हमें अपनी हिफाजत करनी है और पुलिस आने तक हम इसे नहीं छोड़ेंगे।" यात्रियों की इसी चौकसी से विमान का कंट्रोल दोबारा हासिल करना मुमकिन हुआ।

हमाम अल-हमामी को बांधने के बाद यात्रियों ने उसे ऑक्सिजन मास्क लगाया, ताकि वह जिंदा रहे और जांच में इस साजिश के पीछे की सच्चाई सामने आ सके। विमान में सफर कर रहे डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसेव ने गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छर को फौरन शुरुआती इलाज दिया। कैप्टन के शरीर पर गहरे जख्म थे, लेकिन उनकी सूझबूझ से विमान में सवार सभी 175 यात्रियों की जान बच गई।

कॉकपिट पर दोबारा कंट्रोल मिलने के बाद ऑफ-रोस्टर पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारने की कोशिश शुरू की। आखिरकार विमान की सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। वहां स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत विमान में पहुंचीं, हमलावर को हिरासत में लिया और घायल कैप्टन को अस्पताल में भर्ती कराया। यात्रियों की इस हिम्मत से एक बड़े विमान हादसे और साजिश को नाकाम कर दिया गया।

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