मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:54 IST

फ्लाईदुबई हमले वाले कैप्टन स्मित मच्छार: इंजीनियरिंग से कॉकपिट तक का सफर

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर चाकू से हमला झेलने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के करियर और पढ़ाई की कहानी।

फ्लाईदुबई हमले वाले कैप्टन स्मित मच्छार: इंजीनियरिंग से कॉकपिट तक का सफर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

दुबई से 30 सितंबर 2026 को तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट (Flydubai-FZ1073) के कॉकपिट में को-पायलट ने चाकू से जानलेवा हमला किया। इसमें खून से लथपथ हुए कैप्टन स्मित मच्छार का नाम अचानक पूरी दुनिया में चर्चा में आ गया है। लेकिन इस घटना से पहले भी वे कमर्शियल एविएशन में करीब 15 साल का लंबा और कामयाब अनुभव रखते हैं।

मुंबई से रिश्ता रखने वाले स्मित बोइंग 737 के बेहद अनुभवी पायलट हैं। विमान जब 35000 फुट पर था, तभी उन पर यह हमला हुआ। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनकी हिम्मत से विमान में सवार 27 बच्चों समेत 180 यात्रियों की जान बची। स्मित ने विमान पर कंट्रोल हासिल किया और सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।

कई पायलटों के लिए पायलट बनना बचपन का सपना होता है, पर स्मित के मामले में ऐसा नहीं था। एक पॉडकास्ट में उन्होंने खुद बताया कि बचपन में उन्होंने पायलट बनने के बारे में सोचा तक नहीं था। वे एक कारोबारी परिवार से हैं और बड़े होकर परिवार का ही बिजनेस आगे बढ़ाना चाहते थे।

परिवार का टेक्सटाइल का कारोबार था, इसलिए स्कूल के बाद उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। फिर बिजनेस की बारीकियां समझने के लिए उन्होंने मैनेजमेंट (MBA) की पढ़ाई भी शुरू की।

सिर्फ 19 साल की उम्र में वे एक एविएशन सेमिनार में गए और यहीं से उनकी जिंदगी का रुख बदल गया। वहीं उन्होंने कमर्शियल पायलट बनने का पक्का फैसला कर लिया। जब उन्होंने घर में यह फैसला बताया, तो मां को उनकी सुरक्षा की बहुत फिक्र होने लगी। पिता ने उन्हें अपना करियर खुद चुनने और पायलट ट्रेनिंग का रास्ता तलाशने की पूरी आजादी दी।

स्मित ने जब पायलट की ट्रेनिंग ली, तब पूरी ट्रेनिंग का खर्च करीब 16 से 17 लाख रुपए आया था। आज यही खर्च 80 लाख रुपए के आसपास पहुंच जाता है।

उड़ान की मुख्य ट्रेनिंग के लिए स्मित न्यूजीलैंड गए थे। खास बात यह है कि न्यूजीलैंड जाने तक उन्होंने यात्री के तौर पर भी बहुत कम हवाई सफर किया था। न्यूजीलैंड में CPL यानी कमर्शियल पायलट लाइसेंस पूरा करने के बाद उन्होंने बोइंग 737 की खास ट्रेनिंग भारत में गुरुग्राम (मानेसर) के FSTC से पूरी की।

ट्रेनिंग के बाद उनकी पहली आधिकारिक उड़ान बेंगलुरु से दिल्ली की थी। स्मित के मुताबिक पहली ही फ्लाइट में उन्हें उड़ान का मजा या रोमांच महसूस करने के बजाय जिम्मेदारी का बड़ा दबाव था। वजह यह थी कि वे प्रोबेशन पर थे और कॉकपिट में उनके साथ सीनियर एग्जामिनर मौजूद थे।

कैप्टन स्मित ने जून 2011 में स्पाइसजेट से करियर शुरू किया। करीब 11 साल में तरक्की पाते हुए वे सीनियर कमांडर और फिर लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के अहम पद तक पहुंचे। लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के तौर पर उन्होंने कई नए पायलटों को ट्रेनिंग दी और उनका मूल्यांकन भी किया। स्पाइसजेट में उन्होंने 6400 घंटे से ज्यादा पायलट-इन-कमांड (कैप्टन) के रूप में उड़ान भरी।

जून 2022 में वे अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन फ्लाईदुबई से जुड़े, जहां उन्हें डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के तौर पर नियुक्त किया गया। उन्हें बोइंग 737 उड़ाने का 9750 घंटे से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें B737-800 और B737 MAX 8/9 शामिल हैं। बोइंग 737 ऑपरेशंस के अलावा क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट, फ्लाइट स्टैंडर्ड्स, पायलट असेसमेंट और मेंटरिंग में भी उन्हें महारत हासिल है।

कैप्टन स्मित मच्छार की अपनी सैलरी की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि एक पॉडकास्ट में उन्होंने भारतीय एविएशन सेक्टर में पायलटों की सैलरी का अंदाजा बताया था। उनके मुताबिक नए पायलट (जूनियर/फर्स्ट ऑफिसर) को 2 लाख से 2.5 लाख रुपए प्रति माह, सीनियर फर्स्ट ऑफिसर को 4 लाख से 4.5 लाख रुपए प्रति माह और कैप्टन (कैप्टन/कमांडर लेवल) को 6 लाख से 10 लाख रुपए प्रति माह या उससे ज्यादा मिलते हैं।

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