फेअरफोर्ड एयरबेस के पास पांच गिरफ्तारी मामले में इराण का संबंध से इनकार
लंदन स्थित इराणी दूतावास ने ब्रिटेन के फेअरफोर्ड एयरबेस से जुड़े गिरफ्तारी मामले में किसी भी तरह के संबंध की बात को सिरे से खारिज किया है।
ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर में आरएएफ फेअरफोर्ड हवाई अड्डे से जुड़े एक मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद इराण का नाम सामने आया था, लेकिन लंदन में मौजूद इराणी दूतावास ने इस दावे को पूरी तरह नकार दिया है। दूतावास का कहना है कि इस तरह के आरोप "बनावटी तर्क-वितर्क" के अलावा कुछ नहीं हैं, और इनसे ब्रिटेन में इराण विरोधी माहौल को बढ़ावा मिलता है।
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिवेशन में इराण, अमेरिका और इस्राइल ने एक-दूसरे पर तीखे हमले किए थे, और इराण की तरफ से रखा गया सात दिनों का शांति प्रस्ताव भी ठुकराया जा चुका था। इराण-अमेरिका के बीच पहले से तनाव के माहौल के बीच ब्रिटेन में हुई इस घटना ने आग में घी का काम किया है। हालांकि अभी तक जिन लोगों को पकड़ा गया है, वे इराण से जुड़े बताए जा रहे हैं, मगर इसकी अभी कोई पुख्ता पुष्टि नहीं हुई है।
फेअरफोर्ड हवाई अड्डा ब्रिटेन का एक अहम सैन्य ठिकाना माना जाता है, जहां तरह-तरह की अंतरराष्ट्रीय सैन्य गतिविधियां और अभ्यास होते रहते हैं। यहां हुई कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार करने के बाद ही यह चर्चा शुरू हो गई थी कि कहीं इनका इराण से कोई नाता तो नहीं। गिरफ्तार किए गए लोगों की जांच अभी जारी है और उनके बारे में तरह-तरह के अंदाजे लगाए जा रहे थे। लेकिन जांच का कोई आधिकारिक नतीजा सामने आने से पहले ही जब यह मामला इराण से जोड़ा जाने लगा, तो तेहरान की तरफ से इस पर प्रतिक्रिया आई।
दूतावास ने अपने बयान में कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के लगाए जा रहे अंदाजे और अटकलें ब्रिटेन में इराण के खिलाफ माहौल बनाने का काम कर सकती हैं। इराण ने इस पूरे मामले से अपना कोई संबंध होने से इनकार करते हुए इन आरोपों को "बनावटी तर्क-वितर्क" करार दिया है। दूतावास ने यह भी कहा कि ब्रिटेन के मीडिया और संबंधित एजेंसियों को कोई नतीजा निकालने से पहले उपलब्ध सबूतों और जांच के निष्कर्षों पर ध्यान देना चाहिए।
यह पूरा मामला ऐसे वक्त सामने आया है जब ब्रिटेन और इराण के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण चल रहे हैं। पिछले कुछ समय से इराण से जुड़ी सुरक्षा, जासूसी और सैन्य गतिविधियों के आरोपों के चलते दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ा है। ऐसे माहौल में ब्रिटेन में किसी सुरक्षा घटना के बाद इराण का कथित नाम आना एक संवेदनशील मुद्दा बन जाता है। हालांकि फेअरफोर्ड में हुई पांच गिरफ्तारी और इराण के बीच सीधा संबंध होने की बात अभी तक ठोस रूप से साबित नहीं हुई है। इसलिए जब तक जांच से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक इस मामले से जुड़े दावों को सावधानी से देखना ही ठीक रहेगा।