पाकिस्तान के हवाई हमलों में 4 अफगान नागरिकों की मौत, तालिबान ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी
पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने कंदाहार, खोस्त और पक्तिया में हमले किए, तालिबान ने ड्रोन घुसपैठ के दावे को खारिज करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
दक्षिण एशिया में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर कंदाहार, खोस्त और पक्तिया, इन तीन प्रांतों के अलग अलग इलाकों में अचानक हवाई हमले किए। इस कार्रवाई से दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच बॉर्डर पर जंग जैसे हालात बन गए हैं।
तालिबान सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, इन हवाई हमलों में चार निर्दोष अफगान नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई। तालिबान प्रशासन ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अफगानिस्तान की सार्वभौमता और अखंडता पर सीधा हमला बताया है। तालिबान ने साफ चेतावनी दी है कि इस आक्रामकता और दबाव की सही वक्त पर निर्णायक और करारा जवाब दिया जाएगा।
दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना ने इन हवाई हमलों को सही ठहराते हुए दावा किया था कि अफगानिस्तान की सीमा से पाकिस्तान में कथित तौर पर ड्रोन भेजे जा रहे थे। इस्लामाबाद प्रशासन ने सफाई दी कि अपने देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने के लिए यह सैन्य कार्रवाई करना बेहद जरूरी था।
हालांकि, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मुजाहिद ने गंभीर आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा नाकामियों से ध्यान हटाने और अपनी सैन्य कार्रवाइयों को जायज ठहराने के लिए ऐसे झूठे और बनावटी दावे कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अफगानिस्तान अपने नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा, और इस तरह की भड़काऊ कार्रवाइयों से दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ेंगे।
पाकिस्तान की इस आक्रामक भूमिका पर अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हमीद करजई ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि कंदाहार, खोस्त और पक्तिया में हुए बम धमाके पड़ोसी देशों के आपसी सम्मान और अंतरराष्ट्रीय नियमों के बिल्कुल खिलाफ हैं। करजई ने कहा कि कराची और इस्लामाबाद के लिए अपनी नकारात्मक नीति पर फिर से सोचने का वक्त आ गया है, और पाकिस्तान को सैन्य ताकत के बजाय शांतिपूर्ण बातचीत और डिप्लोमेसी के रास्ते से मसला सुलझाने की सलाह दी। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि इस हिंसा की आंच खुद पाकिस्तान तक भी पहुंच सकती है।
पाकिस्तान की तरफ से अफगानिस्तान पर हवाई हमले करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तानी विमानों ने इसी तरह बमबारी की थी। डुरंड लाइन पर सीमा विवाद, आतंकी संगठनों को शरण देने और एक दूसरे पर लगते आरोपों के चलते दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।
हवाई हमलों के इस ताजा दौर से सिर्फ बॉर्डर इलाकों में ही नहीं बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में सुरक्षा का मसला गंभीर हो गया है। आने वाले दिनों में तालिबान इस हमले का बदला किस तरह लेता है, और दोनों देशों के बीच बातचीत फिर शुरू होती है या टकराव और तेज होता है, इस पर दुनियाभर के जानकारों की नजर टिकी है।