ऑस्कर की तैयारी में 'गोंधळ' की टीम मुख्यमंत्री फडणवीस से मिली, सरकार से मदद मांगी
भारत की ओर से ऑस्कर के लिए चुनी गई मराठी फिल्म 'गोंधळ' की टीम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर फिल्म के प्रचार के लिए आर्थिक मदद और समर्थन मांगा।
मराठी फिल्म इंडस्ट्री के लिए अच्छी खबर है। मराठी फिल्म 'गोंधळ' अब ऑस्कर की दौड़ में है और भारत की ओर से आधिकारिक एंट्री के तौर पर उसे चुना गया है। फिल्म ऑस्कर की स्पर्धा में उतरने वाली है, इसलिए उसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में 'गोंधळ' की टीम से मुलाकात की।
यह मुलाकात मशहूर निर्देशक और IFTDA के अध्यक्ष अशोक पंडित की पहल पर हुई। BJP मुंबई के अध्यक्ष अमित साटम की अगुवाई में टीम मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची। टीम ने मुख्यमंत्री के सामने एक ही मुद्दा रखा। उनका कहना था कि ऑस्कर तक जाना आसान बात नहीं है। फिल्म के प्रचार के लिए और बड़े लोगों तक फिल्म पहुंचाने के लिए सरकार आर्थिक मदद और समर्थन दे, यह मांग टीम ने मुख्यमंत्री से की। टीम ने यह भी कहा कि यह सवाल सिर्फ एक फिल्म का नहीं, पूरी मराठी फिल्म इंडस्ट्री का है।
बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि यह 'गोंधळ' आखिर किसकी फिल्म है। इस फिल्म को संतोष दवाखर ने लिखा है, उन्होंने ही इसका निर्देशन किया है और खुद ही इसे प्रोड्यूस भी किया है। प्रोडक्शन में दीक्षा दवाखर ने उनका साथ दिया है।
फिल्म की कहानी पूरी तरह अपनी मिट्टी की है। महाराष्ट्र में गोंधळ की परंपरा सबको पता है और कहानी उसी के आसपास घूमती है। जबसे फिल्म को भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री के तौर पर चुना गया, तबसे हर जगह इसी की चर्चा है। अब अगला चरण यह है कि फिल्म को अमेरिका में कैसे पहुंचाया जाए और वहां की ज्यूरी तक कैसे ले जाया जाए। इसकी प्लानिंग चल रही है।
मुख्यमंत्री से मिलने वाला प्रतिनिधिमंडल छोटा नहीं था, उसमें इंडस्ट्री के बड़े नाम शामिल थे। FWICE के महासचिव अशोक दुबे, IFTDA के निशांत उज्वल और निर्देशिका स्वप्ना वाघमारे जोशी मौजूद थीं। फिल्म के कलाकार भी साथ थे। किशोर कदम, इशिता देशमुख और योगेश सोहनी भी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। मुख्यमंत्री ने समय निकालकर सबकी बात शांति से सुनी। इसके लिए टीम ने उनका आभार भी माना।
सच कहें तो 'गोंधळ' का ऑस्कर तक पहुंचना सिर्फ एक टीम की कामयाबी नहीं है। यह पूरी मराठी फिल्म इंडस्ट्री का सम्मान है। अब तक कई अच्छी मराठी फिल्में आईं, लेकिन ऑस्कर के दरवाजे तक बहुत कम फिल्में पहुंची हैं। अब महाराष्ट्र की मिट्टी का यह 'गोंधळ' सात समंदर पार जाने वाला है। ऑस्कर के मंच पर मराठी भाषा और मराठी कलाकारों की आवाज गूंजेगी।