ओंकार भोजने और मिलिंद कवडे आमने-सामने, प्रमोशन पर विवाद खत्म
फिल्म 'अफरातफरी' के निर्देशक मिलिंद कवडे और अभिनेता ओंकार भोजने ने पहली बार साथ बैठकर विवाद पर जवाब दिया।
'महाराष्ट्र की हास्यजत्रा' से घर-घर पहुंचे ओंकार भोजने इन दिनों अपनी नई फिल्म की वजह से चर्चा में हैं। उनकी फिल्म 'अफरातफरी' जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाली है। लेकिन रिलीज से पहले ही फिल्म एक विवाद में फंस गई थी।
फिल्म के निर्देशक मिलिंद कवडे ने ओंकार पर सीधे गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि ओंकार अनप्रोफेशनल और आदतन झूठे हैं। इस आरोप के बाद हर तरफ इसी की चर्चा शुरू हो गई थी।
विवाद की वजह यह थी कि ओंकार 'अफरातफरी' के प्रमोशन के लिए नहीं आ रहे थे। इससे मिलिंद कवडे काफी नाराज हो गए। एक इंटरव्यू में गुस्से में उन्होंने कहा कि ओंकार बहुत अनप्रोफेशनल हैं, झूठ बोलते हैं और प्रमोशन में नहीं आते। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर खूब बहस हुई और लोग ओंकार को ट्रोल करने लगे। इसके बाद ओंकार ने भी एक इंटरव्यू में अपनी बात रखी थी, फिर भी विवाद थमा नहीं।
अब हाल ही में 'अफरातफरी' की पूरी टीम ने एबीपी माझा को इंटरव्यू दिया। खास बात यह रही कि इसमें ओंकार भोजने और मिलिंद कवडे दोनों आमने-सामने बैठे थे। सबको लगा था कि अब झगड़ा होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
मिलिंद कवडे ने इंटरव्यू में बताया, "मैंने जब वह बात कही, उसके बाद मुझे ओंकार का कॉल आया। उसने कहा, सर, आपको जो गुस्सा आया है, वह मैं समझ सकता हूं। मैं प्रमोशन के लिए आ रहा हूं। मैंने उससे कहा, You are most welcome। और वह बात मैंने वहीं खत्म कर दी।" उन्होंने आगे कहा, "कल भी एक इंटरव्यू में मुझसे इस बारे में पूछा गया। मैंने कहा कि मेरे लिए वह मामला खत्म हो चुका है। उसने खुद मुझे कॉल किया। भले ही वह कॉल चार-पांच महीने बाद आया हो, पर उसने कॉल किया, यही अहम है।" यानी निर्देशक ने अब कदम पीछे खींच लिया है और विवाद खत्म कर दिया है।
मिलिंद कवडे की बात सुनकर ओंकार भोजने ने भी शांति से जवाब दिया। उन्होंने कहा, "अपने बारे में तारीफ सुनकर हमेशा अच्छा लगता है। मेरी तरफ से संवाद में कमी रह रही हो तो मैं उसमें सुधार करूंगा। कभी-कभी हम छोटी-छोटी बातों को ज्यादा अहमियत दे देते हैं। मुझे लगता है कि ऐसा नहीं करना चाहिए।"
ओंकार ने यह भी बताया कि उन्हें प्रमोशन क्यों पसंद नहीं है। उन्होंने कहा, "मुझे फिल्म के बारे में बात करना अच्छा लगता है। शूटिंग कैसी हुई, साथी कलाकार कैसे थे, काम की यादें सुनाना अच्छा लगता है। लेकिन आजकल प्रमोशन के नाम पर कुछ और ही पूछते हैं। तू किस झोपड़ी से आया, किस सोसायटी में रहता है, यह मुझे पसंद नहीं। जब मैं अपना करियर बड़ा कर लूंगा, तब जरूर बताऊंगा कि मेरी झोपड़ी की दिवाली कैसे लाख मोल की थी। पर अभी के अभी ये बातें मुझसे नहीं होतीं, इसलिए मैं थोड़ा दूर रहता हूं।"
ओंकार का यह जवाब सुनकर कई लोगों को उनकी बात ठीक लगी है। उन्होंने साफ किया कि वे फालतू चर्चा में नहीं पड़ना चाहते और सिर्फ अपने काम के बारे में बोलना चाहते हैं। कुल मिलाकर दोनों के बीच का विवाद अब खत्म होता दिख रहा है और दोनों ने समझदारी दिखाई है। अब सबकी नजर 'अफरातफरी' पर है। यह फिल्म कॉमेडी होगी और ओंकार की अदाकारी को लेकर सब उत्सुक हैं।