सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 319 | Very Poor 09:21 IST

ओबीसी संघर्ष समिति ने सोलापुर में सौंपा 25 मांगों का निवेदन, आंदोलन की चेतावनी

ओबीसी समाज संघर्ष समिति, सोलापुर ने जिलाधिकारी कार्यालय में 25 मांगों का निवेदन दिया, जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजा जाएगा।

सोलापुर, 16 अक्टूबर 2026: ओबीसी समाज संघर्ष समिति, सोलापुर की तरफ से 14 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय, सोलापुर में 25 प्रमुख मांगों का विस्तृत निवेदन सौंपा गया। जिलाधिकारी के जरिए यह निवेदन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजा गया और उनसे गुजारिश की गई कि मांगों पर जल्द फैसला लिया जाए।

निवेदन में मांग की गई है कि ओबीसी समाज की अलग जातिवार जनगणना करके आबादी जाहिर की जाए। बोगस कुणबी-मराठा जाति प्रमाणपत्र रद्द किए जाएं, आरक्षण का बैकलॉग भरा जाए, शिक्षा और रोजगार के मौके दिए जाएं, महाज्योती को फंड मिले और भटके-विमुक्त, गड़रिया व वंचित तबकों के लंबित सवाल सुलझाए जाएं।

जनगणना और आरक्षण के बारे में समिति ने कहा है कि अलग कॉलम में जातिवार आबादी जाहिर हो। सरकारी नौकरियों में ओबीसी के मंजूर, भरे हुए और खाली पदों के साथ आरक्षण के बैकलॉग को साफ करने वाला श्वेतपत्र जारी किया जाए। फर्जी, गैरकानूनी और नियम के खिलाफ कुणबी जाति प्रमाणपत्रों की निष्पक्ष जांच हो, दोषी लोगों और अधिकारियों पर कार्रवाई हो और अवैध प्रमाणपत्र रद्द किए जाएं। आरक्षण में घुसपैठ रोकने के लिए अलग व्यवस्था बने, भर्ती का बैकलॉग विशेष मुहिम से भरा जाए, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में ओबीसी राजनीतिक आरक्षण की हिफाजत हो और मंडल आयोग की सिफारिशें असरदार ढंग से लागू हों।

शिक्षा, स्कॉलरशिप और महाज्योती को लेकर मांग है कि ओबीसी विद्यार्थियों को केजी से पीजी तक सरकारी और निजी संस्थाओं में मुफ्त पढ़ाई मिले। महंगाई सूचकांक के हिसाब से स्कॉलरशिप बढ़े और स्कॉलरशिप व फेलोशिप वक्त पर दी जाए। महाज्योती को फौरन 100 करोड़ रुपये का फंड देकर उसका मुख्य कार्यालय पुणे में बने। पीएच.डी. फेलोशिप 200 से बढ़ाकर 1,000 और विदेशी स्कॉलरशिप 75 से बढ़ाकर 750 की जाएं। राज्य के 36 जिलों में प्रस्तावित 72 हॉस्टल शुरू हों। हॉस्टल में दाखिला न पाने वाले पात्र विद्यार्थियों को स्वाधार और स्वयम योजनाओं की तर्ज पर रहने का भत्ता और आर्थिक मदद दी जाए।

रोजगार और आर्थिक विकास पर मांग है कि पात्र बेरोजगार ग्रेजुएट और उच्च शिक्षित युवक-युवतियों को नौकरी मिलने तक हर महीने 20 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता मिले। एमपीएससी की परीक्षा, नतीजे और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो और रद्द परीक्षाओं की वजह से मौका गंवाने वाले उम्मीदवारों को उम्र की सीमा में जरूरी छूट मिले। नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र की प्रक्रिया आसान और समय-सीमा वाली हो। ओबीसी आर्थिक विकास महामंडल के फंड में एक हजार करोड़ रुपये बढ़ाए जाएं और आबादी के अनुपात में बजट प्रावधान हो। भटके-विमुक्त, आलुतेदार, बलुतेदार और दूसरे वंचित तबकों के महामंडलों में अध्यक्ष व पदाधिकारियों की नियुक्ति कर अलग फंड और दफ्तर की सुविधा दी जाए।

किसानों, गड़रियों और भटके-विमुक्तों के बारे में निवेदन में कहा गया है कि सूखे से प्रभावित पात्र किसानों को मानदंडों के मुताबिक प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की मदद देकर विशेष राहत पैकेज घोषित हो। वन और पर्यावरण के कानूनों व स्थानीय हालात को देखते हुए सरकारी वन क्षेत्र में नियंत्रित तरीके से भेड़ें चराने की इजाजत मिले। मरीआईवाले, नंदीबैलवाले, गोसावी, पोतराज, वासुदेव, गोंधळी जैसे समुदायों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और दूसरे जरूरी कागज देकर पक्का घर दिया जाए।

सामाजिक सुरक्षा और न्याय के तहत मांग है कि ओबीसी योद्धा, गड़रिया, भटके-विमुक्त, माइक्रो ओबीसी, सामाजिक कार्यकर्ता, जानकार, आंदोलनकारी और अनशनकारियों पर हमले रोककर जरूरत के हिसाब से पुलिस सुरक्षा दी जाए। कानून के मुताबिक पात्र लोगों की हथियार लाइसेंस की अर्जियों पर नियम से फैसला हो। आत्महत्या करने वाले ओबीसी भाइयों के परिवारों को लागू मानदंडों के अनुसार 20 लाख रुपये की मदद, पात्र परिजनों को सरकारी नौकरी और पुनर्वास व काउंसलिंग की सुविधा मिले। जायज आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों की समीक्षा कर पात्र मामले कानूनी प्रक्रिया से वापस लिए जाएं।

निवेदन में कहा गया है कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर संबंधित विभागों को फौरन आदेश दे, हर मांग पर समय-सीमा में फैसला ले और अमल की कार्रवाई रिपोर्ट निवेदन देने वालों को सौंपे। मांगों की अनदेखी हुई या तय मुद्दत में अमल नहीं हुआ, तो ओबीसी समाज संघर्ष समिति, सोलापुर की अगुवाई में पूरे महाराष्ट्र में तीव्र और व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। निवेदन के मुताबिक आंदोलन की जिम्मेदारी सरकार की निष्क्रियता पर रहेगी।

निवेदन देने वालों में सत्यशोधक शंकरराव लिंगे, एड. राजन दीक्षित, युवराज चुंबळकर, बापूसाहेब भगवान भंडारे, शेखर बंगाळे, दिलीप पतंगे, प्रशांत इंगळे, निमिषा वाघमोडे, अशोक इंदापुरे, माधवी पोद्दार, संतोष काटकर, सोलापुर लेबर फेडरेशन के अध्यक्ष शंकर चौगुले, राष्ट्रीय गुरव समाज महासंघ के राष्ट्रीय संगठक डॉ. नितीन ढेपे, गोंधळी समाज के जिलाध्यक्ष विठ्ठल माने, वंचित बहुजन आघाडी के युवा नेता सुहास सावंत, जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर मडीसांबे, शहराध्यक्ष प्रशांत गुणेवार और शहर उपाध्यक्ष रोहित लालसरे समेत कई लोग शामिल थे।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे