मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:47 IST

नोविटास सोलर महाराष्ट्र और गुजरात में अगले पांच साल में लगाएगी 10,000 करोड़ रुपये

सोलर मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी नोविटास सोलर ने आज अगले पांच साल में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया।

नोविटास सोलर महाराष्ट्र और गुजरात में अगले पांच साल में लगाएगी 10,000 करोड़ रुपये
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

भारत की अग्रणी सोलर मॉड्यूल निर्माता कंपनियों में शामिल नोविटास सोलर ने आज ऐलान किया कि वह अगले पांच साल में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस निवेश के तहत महाराष्ट्र और गुजरात में एक एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा इकोसिस्टम खड़ा किया जाएगा।

कंपनी के मुताबिक इस प्लान्ड निवेश से उसकी पूरी सोलर वैल्यू चेन में विस्तार को रफ्तार मिलेगी। इसमें इनगॉट्स, वेफर्स, हाई-एफिशिएंसी सोलर सेल्स और मॉड्यूल्स शामिल हैं। इसके साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (बीईएसएस) और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन तक यह विस्तार जाएगा।

यह निवेश नोविटास सोलर के लिए सिर्फ सोलर मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी से एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा कंपनी बनने की दिशा में अहम कदम है। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा वैल्यू चेन के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों हिस्सों में अपनी मौजूदगी और मजबूत करना चाहती है। इसके लिए उसका फोकस देश के अंदर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बनाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और बड़े पैमाने के नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के विकास में हिस्सा लेने पर है।

कंपनी अब सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं है। वह नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा स्टोरेज के क्षेत्र में भी पैर पसार रही है। महाराष्ट्र में नोविटास सोलर ईपीसी और इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (आईपीपी) मॉडल के तहत दो सोलर पार्क विकसित कर रही है। इनकी क्षमता क्रमशः 200 मेगावाट और 25 मेगावाट है। गुजरात में कंपनी वडोदरा में 5 जीडब्ल्यूएच का बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाकर ऊर्जा स्टोरेज में कदम रख रही है। कंपनी के मुताबिक इससे स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम में उसकी ताकत और बढ़ेगी।

नोविटास सोलर के डायरेक्टर अंकित सिंघानिया ने कहा, "भारत की नवीकरणीय ऊर्जा की यात्रा एक अनोखे मुकाम पर पहुंच रही है, जहां काम का दायरा, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन इस सेक्टर की प्रतिस्पर्धा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। नोविटास सोलर में हम पूरी वैल्यू चेन में सक्रिय हिस्सेदारी लेना और क्षमताएं बनाना चाहते हैं, ताकि हम भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव में अहम योगदान दे सकें। अगले पांच साल में हमारा 10,000 करोड़ रुपये का प्लान्ड निवेश इसी महत्वाकांक्षा को दिखाता है। हम मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के साथ उन टेक्नोलॉजी और इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश कर रहे हैं, जो भारत के नवीकरणीय ऊर्जा इकोसिस्टम के अगले दौर को आकार देंगी।"

यह प्लान्ड निवेश नोविटास सोलर के मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग आधार पर खड़ा किया जा रहा है। कंपनी की सालाना 3 गीगावाट सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता है। वह टॉपकॉन और बायफेशियल मोनो पीईआरसी टेक्नोलॉजी वाले हाई-एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल बनाती है। कंपनी ने अपने सोलर एनकैप्सुलेंट बिजनेस को नोविटास अल्फा के जरिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन दिया है। वहीं नोविटास प्लैनेट जैसी सब्सिडियरी कंपनियों के जरिए उसने अपने नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो का विस्तार किया है।

इसके अलावा कंपनी का ईपीसी बिजनेस भारत के यूटिलिटी-स्केल नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के साथ चलता है। यूटिलिटी और आईपीपी स्तर के प्रोजेक्ट्स को अमल में लाने के लिए यह बिजनेस दक्षिण अफ्रीका क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे