मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:03 IST

NEET PG 2026 का रिजल्ट आउट, पिछले छह साल में सबसे नीचे गया कट ऑफ

जनरल कैटेगरी का क्वालिफाइंग कट ऑफ 262 नंबर पर आ गया, पर्सेंटाइल में कोई बदलाव नहीं

NEET PG 2026 का रिजल्ट आउट, पिछले छह साल में सबसे नीचे गया कट ऑफ
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नीट पीजी 2026 का रिजल्ट जारी हो चुका है और कैंडिडेट्स को अपने नंबर और रैंक पता चल गई है। इस रिजल्ट में सबसे ज्यादा चर्चा क्वालिफाइंग कट ऑफ की हो रही है, क्योंकि यह पिछले छह साल के मुकाबले सबसे कम रहा है।

जनरल और ईडब्ल्यूएस कैंडिडेट्स के लिए कट ऑफ 262 नंबर तय किया गया है। जनरल पीडब्ल्यूबीडी कैटेगरी के लिए यह 244 नंबर है, वहीं एससी, एसटी और ओबीसी कैंडिडेट्स के लिए 226 नंबर रखा गया है।

नंबर भले कम आए हों, लेकिन क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में कोई बड़ा फर्क नहीं आया है। जनरल और ईडब्ल्यूएस के लिए 50वां पर्सेंटाइल, जनरल पीडब्ल्यूडी के लिए 45वां पर्सेंटाइल और एससी, एसटी, ओबीसी सहित बाकी पीडब्ल्यूडी कैंडिडेट्स के लिए 40वां पर्सेंटाइल पहले जैसा ही बना हुआ है।

अगर पिछले सालों से तुलना करें तो 2021 में जनरल और ईडब्ल्यूएस का कट ऑफ 302 नंबर था, जनरल पीडब्ल्यूबीडी का 283 और एससी, एसटी, ओबीसी (पीडब्ल्यूबीडी सहित) का 265 नंबर था। 2022 में यह घटकर क्रमश: 275, 260 और 245 नंबर हो गया। 2023 में फिर थोड़ा बढ़कर 291, 274 और 257 नंबर पर पहुंचा। 2024 में नंबर की जगह पर्सेंटाइल के हिसाब से ही कट ऑफ तय हुआ था, यानी 50वां, 45वां और 40वां पर्सेंटाइल। 2025 में कट ऑफ 276, 255 और 235 नंबर था, और अब 2026 में यह घटकर 262, 244 और 226 नंबर पर आ गया है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ कम नंबर वाले कट ऑफ से यह मान लेना ठीक नहीं कि इस साल पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीट मिलना आसान हो गया है। फाईमा डॉक्टर एसोसिएशन के चीफ पैट्रन और को-फाउंडर डॉ. रोहन कृष्णन के मुताबिक, एग्जाम का बदलता पैटर्न, बढ़ता कॉम्पिटिशन और कोचिंग के बढ़ते ऑप्शन की वजह से स्टूडेंट्स की तैयारी पर असर पड़ा है। कई बार अलग-अलग सोर्स की वजह से स्टूडेंट्स को यह समझ नहीं आता कि आखिर क्या और कैसे पढ़ना है। एमबीबीएस के दौरान की बेसिक जानकारी मजबूत होनी जरूरी है, कमजोर बेस वाले स्टूडेंट्स को कोचिंग पर ज्यादा डिपेंड रहना पड़ता है।

आईएमए जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क के नेशनल स्पोक्सपर्सन डॉ. ध्रुव चौहान के मुताबिक कट ऑफ कई चीजों पर डिपेंड करता है, जैसे पेपर कितना मुश्किल था, कैंडिडेट्स ने कैसा परफॉर्म किया, नंबर कैसे बंटे, एग्जाम में कितने कैंडिडेट्स बैठे और पीजी की कितनी सीटें उपलब्ध हैं। इसीलिए अगर एग्जाम कठिन रहा हो या स्टूडेंट्स का परफॉर्मेंस पिछले साल से कम रहा हो, तो पर्सेंटाइल एक जैसा होने पर भी जरूरी नंबर कम हो सकते हैं। इसलिए कम स्कोर वाला कट ऑफ स्टूडेंट्स की काबिलियत कम होने का सीधा मतलब नहीं होता।

इस बार नीट पीजी में आन्सर की और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स को लेकर एक बड़ा बदलाव किया गया है। एनबीईएमएस पहली बार कैंडिडेट्स को क्वेश्चन आईडी, सही जवाब, उनका खुद का दिया गया जवाब और मिले नंबर की पूरी जानकारी देगा। एनबीईएमएस के नोटिस के मुताबिक 1 अक्टूबर 2026 तक आन्सर की उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे कैंडिडेट्स अपने लॉगिन डिटेल्स से देख सकेंगे। रिजल्ट आने के बाद भी कैंडिडेट्स अपने जवाबों की ऑफिशियल आन्सर की से तुलना कर सकेंगे।

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