मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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16:41 IST

नायलॉन मांजे पर सख्ती नहीं तो अफसरों की तनख्वाह से कटेगा जुर्माना, हाईकोर्ट की पुलिस को फटकार

बंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने नायलॉन मांजे पर रोक के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने पर पुलिस को फटकार लगाई और 12 अक्टूबर तक विस्तृत जानकारी मांगी।

नायलॉन मांजे पर सख्ती नहीं तो अफसरों की तनख्वाह से कटेगा जुर्माना, हाईकोर्ट की पुलिस को फटकार
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर: जानलेवा नायलॉन मांजे की बिक्री, स्टोरेज और इस्तेमाल पर रोक है, फिर भी पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पर बंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने सोमवार को पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर संबंधित पुलिस अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहते हैं, तो जुर्माने की रकम दोषी अधिकारियों की तनख्वाह से वसूलने पर भी विचार किया जा सकता है।

नायलॉन मांजे से होने वाले हादसों और आम लोगों व पक्षियों की जान पर बने खतरे को देखते हुए हाईकोर्ट ने साल 2021 में खुद ही जनहित याचिका दर्ज की थी। सोमवार को इसकी सुनवाई जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस रजनीश व्यास के सामने हुई।

सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि पिछले साल नायलॉन मांजे के उत्पादन, संग्रहण, बिक्री और इस्तेमाल को लेकर कितने मामले दर्ज किए गए। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि इन मामलों की जांच में पुलिस ने मांजे के असली स्रोत तक पहुंचने की कोशिश की या नहीं। राज्य सरकार की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं था। इससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने पुलिस के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए।

कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मांजे का स्रोत पता कर उसके उत्पादन और बिक्री से जुड़े लोगों पर कार्रवाई करना पुलिस की ही जिम्मेदारी है। इसके लिए कोर्ट को अलग से पुलिस को निर्देश देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने पूछा कि जांच कैसे करनी है, क्या यह भी पुलिस को अदालत बताएगी? मामला पांच साल से लंबित है और इसके बावजूद नायलॉन मांजे की बिक्री और इस्तेमाल चल रहा है, तो यह पुलिस के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

राज्य के पर्यावरण विभाग ने नायलॉन मांजे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए 1 मार्च 2023 को अधिसूचना जारी की थी। इसके बावजूद प्रतिबंध का असरदार तरीके से पालन न होने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। शहर में कई जगह नायलॉन मांजे की बिक्री और स्टोरेज हो रहा है और पतंग उड़ाने में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे देखते हुए कोर्ट ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई।

हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह सिर्फ औपचारिक कार्रवाई न करे, बल्कि नायलॉन मांजे के पूरे नेटवर्क और स्रोत तक पहुंचकर कठोर कार्रवाई करने की इच्छाशक्ति दिखाए। कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस को आगामी 12 अक्टूबर को नायलॉन मांजे के खिलाफ की गई ठोस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी पेश करने को कहा है।

इस मामले में एडवोकेट निश्चय जाधव ने न्यायालय मित्र (Amicus Curiae) के तौर पर पैरवी की।

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