नवरात्र से पहले वर्धा में डीजे और साउंड सिस्टम वालों की बैठक, नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
वर्धा पुलिस ने नवरात्र और दूसरे त्योहारों से पहले डीजे, लाउडस्पीकर और साउंड सिस्टम के संचालकों-मालिकों को आवाज की सीमा और नियमों के पालन की हिदायत दी।
आने वाले नवरात्र उत्सव और दूसरे त्योहारों, उत्सवों व धार्मिक कार्यक्रमों को देखते हुए वर्धा जिले के लाउडस्पीकर, एम्प्लीफायर, डीजे और आवाज पैदा करने वाले दूसरे उपकरणों के संचालकों और मालिकों की बैठक हुई। मकसद जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और ध्वनि प्रदूषण को रोकना था।
यह बैठक सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12.00 बजे वर्धा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हुई। अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक श्री सदाशिव वाघमारे ने की।
बैठक में पुलिस उपअधीक्षक (गृह) श्री प्रमोद मकेश्वर और उपविभागीय पुलिस अधिकारी वर्धा श्री सुनिल महाडीक मौजूद थे। इसके अलावा वर्धा शहर, सेवाग्राम, रामनगर और सावंगी के थानेदार, स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक, जिला विशेष शाखा के सहायक पुलिस निरीक्षक और जिले के डीजे व लाउडस्पीकर संचालक-मालिक भी आए थे।
इससे पहले 5 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में डीजे और लाउडस्पीकर संचालकों-मालिकों की दिक्कतें सुनकर उनका निराकरण किया गया था। फिर भी गणेशोत्सव के दौरान हिंगणघाट पुलिस थाने की हद में ध्वनि प्रदूषण को लेकर दो मामले दर्ज हुए।
इसी वजह से बैठक में साफ किया गया कि ध्वनि प्रदूषण (नियमन व नियंत्रण) नियम 2000, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन जरूरी है। जिला दंडाधिकारी, वर्धा का 17.09.2026 का ध्वनि प्रदूषण नियमों के पालन और लेजर लाइट पर रोक का आदेश भी लागू है। महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 36 और 38(1) के तहत 19.09.2026 का आदेश और सरकार के समय-समय पर जारी आदेश भी सख्ती से मानने होंगे।
बैठक में डीजे और लाउडस्पीकर संचालकों-मालिकों को ये सूचनाएं दी गईं:
1. लाउडस्पीकर का इस्तेमाल तय आवाज की सीमा में और सरकार की तय की हुई वक्त में ही करें।
2. सक्षम अधिकारियों की जरूरी इजाजत लिए बिना लाउडस्पीकर न चलाएं।
3. शांति क्षेत्र, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाएं, अदालतें और दूसरी संवेदनशील जगहों के आसपास खास ध्यान रखें।
4. आवाज की तीव्रता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त या नियम के बाहर का साउंड सिस्टम न लगाएं।
5. गाड़ियों पर लाउडस्पीकर और दूसरे उपकरण लगाते समय ध्यान रखें कि गाड़ी की सुरक्षा खतरे में न पड़े।
6. डीजे, लाउडस्पीकर या ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल इस तरह न करें कि नागरिकों को तकलीफ हो या कानून-व्यवस्था का सवाल खड़ा हो।
7. ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों, अदालती निर्देशों और प्रशासनिक आदेशों का सख्ती से पालन करें।
बैठक में साफ चेतावनी दी गई कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मौजूदा कानून के मुताबिक कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में वर्धा जिला पुलिस प्रशासन ने नागरिकों, उत्सव मंडलों और डीजे व लाउडस्पीकर संचालकों-मालिकों से अपील की है कि सभी त्योहार शांति, उत्साह और अनुशासन के माहौल में मनाने के लिए पुलिस का साथ दें। पुलिस प्रशासन के मुताबिक ध्वनि प्रदूषण पर काबू रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए नागरिकों की सेहत, शांति और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सब नियमों का पालन करें।