नौवीं के बच्चों को अब इनकम टैक्स के पाठ, NCERT के सिलेबस में पर्सनल टैक्स शामिल
NCERT की नई किताब में नौवीं के विद्यार्थियों को नई टैक्स व्यवस्था के स्लैब और टैक्स की गणना समझाई गई है।
NCERT ने नौवीं कक्षा के सिलेबस में पर्सनल इनकम टैक्स को शामिल कर लिया है। 'अंडरस्टैंडिंग सोसायटी इंडिया एंड बियॉन्ड - भाग 2' नाम की इस नई पाठ्यपुस्तक में बच्चों को पैसों के मैनेजमेंट की बुनियादी बातें समझाने पर जोर दिया गया है। यानी स्कूल की पढ़ाई में अब बच्चे आमदनी और टैक्स जैसी चीजों से भी रूबरू होंगे।
किताब में नई इनकम टैक्स व्यवस्था के तहत आने वाले टैक्स स्लैब बताए गए हैं। साथ ही यह भी समझाया गया है कि असल में टैक्स की देनदारी का हिसाब कैसे लगाया जाता है। NCERT के प्रमुख दिनेश प्रसाद सकलानी के मुताबिक, इस स्तर पर यानी नौवीं के विद्यार्थियों को नए टैक्स स्लैब के आधार पर इनकम टैक्स की गणना सिखाने का यह पहला मौका है।
किताब यह भी कहती है कि ईमानदारी और वक्त पर टैक्स भरना नागरिकों की एक अहम जिम्मेदारी है। यानी बच्चों को सिर्फ हिसाब-किताब ही नहीं, बल्कि एक नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी का एहसास भी कराया जा रहा है।
'तुम्हारी निजी आमदनी का मैनेजमेंट' नाम के चैप्टर में बताया गया है कि पैसों की समझ बचपन से ही विकसित की जा सकती है। इसमें आमदनी, खर्च, बचत, निवेश, जोखिम से सुरक्षा, जिम्मेदारी से कर्ज लेना और टैक्स भरना, इन सबको पर्सनल फाइनेंस के मुख्य पहलू बताया गया है। इसी तरह हेल्थ इंश्योरेंस, बचत और निवेश जैसे विषय भी बच्चों को पढ़ाए जाएंगे।
नई टैक्स व्यवस्था 1 अप्रैल 2023 से डिफॉल्ट व्यवस्था के तौर पर लागू की गई है। हालांकि योग्य करदाताओं के पास पुरानी व्यवस्था चुनने का विकल्प अब भी है। यह किताब शैक्षणिक सत्र शुरू होने के करीब छह महीने बाद छपकर आई है।
किताब में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को भी जगह मिली है। इसे कम आमदनी वाले परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा के उदाहरण के तौर पर रखा गया है। कुल मिलाकर किताब हेल्थ इंश्योरेंस, टैक्स और निजी पैसों के मैनेजमेंट को बड़ी आर्थिक जिम्मेदारियों से जोड़कर समझाती है।