गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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नरक चतुर्दशी पर यमदीप जलाने के नियम: 8 नवंबर को छोटी दिवाली, जानें क्या करें और क्या नहीं

नरक चतुर्दशी पर यमदीप जलाने के नियम: 8 नवंबर को छोटी दिवाली, जानें क्या करें और क्या नहीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

कार्तिक महीने की चतुर्दशी पर घर के बाहर यमराज के नाम का दिया जलाने की परंपरा है। तिथि, मान्यता और परहेज की बातें।

हिंदू धर्म में कार्तिक महीने की चतुर्दशी का खास महत्त्व माना गया है। इस रात को नरक चतुर्दशी कहा जाता है और इसे छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक इस दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा करने और उन्हें दिए अर्पित करने की प्रथा है।

मान्यता है कि घर के बाहर यमदीप जलाने से अकाल मृत्यु का डर दूर होता है और परिवार को यमराज का आशीर्वाद मिलता है।

पंचांग के हिसाब से नरक चतुर्दशी कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस साल चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10:49 बजे शुरू होगी और 8 नवंबर को सुबह 11:29 बजे खत्म होगी। इसी वजह से नरक चतुर्दशी शनिवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी। चतुर्दशी खत्म होते ही अमावस्या शुरू हो जाती है।

धार्मिक मान्यता के मुताबिक इस दिन तय विधि का पालन करके यमराज के नाम का दिया जलाया जाता है। दिया जलाते वक्त परिवार की सुख, समृद्धि और लंबी उम्र के लिए यमराज से प्रार्थना की जाती है। नरक की यातनाओं से मुक्ति और मोक्ष पाने के लिए भी प्रार्थना की जाती है। यह दिया जीवन की नकारात्मकता और बुरी बातों को दूर करने का प्रतीक भी माना जाता है।

नरक चतुर्दशी के महत्त्व को लेकर मान्यता यह भी है कि छोटी दिवाली के दिन भगवान कृष्ण ने क्रूर राक्षस नरकासुर का वध किया और लोगों को उसके आतंक से मुक्त कराया। इस जीत की याद में यह त्योहार नरक चतुर्दशी के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन घरों की खास सफाई की जाती है और उन्हें फूलों और रंग-बिरंगे दियों से सजाया जाता है। शाम को दिए जलाने से बुराई पर अच्छाई की जीत और जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का संदेश दिया जाता है।

इस दिन कुछ बातों से बचने को कहा गया है। पाताल लोक के देवता यमराज की पूजा इसी दिन होती है, इसलिए किसी भी जीव की हत्या करने से बचें। यम की दिशा दक्षिण मानी जाती है, इसलिए घर का दक्षिण वाला हिस्सा गंदा न रखें। धर्मग्रंथों में तेलदान को खास महत्त्व दिया गया है, लेकिन इस दिन तेलदान न करें, क्योंकि इससे देवी लक्ष्मी नाराज होती हैं। इसके अलावा इस दिन तामसिक चीजें खाने से भी बचने को कहा गया है।

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