नागपुर के मोमिनपुरा मार्केट कॉम्प्लेक्स में दरारें, बड़े हादसे का खतरा, 30 साल से मरम्मत नहीं
बीच नागपुर के मोमिनपुरा बाजार में मनपा की इमारत जर्जर हालत में, दुकानदार बरसों से मरम्मत मांग रहे हैं
नागपुर शहर के बीचोंबीच, मोमिनपुरा जैसे बड़े मार्केट इलाके में मेन रोड पर बना नागपुर महानगरपालिका का बाजार संकुल अब पूरी तरह बदहाल हो चुका है। यह इलाका शहर के व्यापार के लिहाज से सबसे अहम माना जाता है, और यहां यही एक बाजार संकुल है, लेकिन आज इसकी हालत देखकर हर कोई सहम जाता है।
संकुल की सीढ़ियों और दीवारों में गहरी-गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। यहां रोज दुकान लगाने वाले व्यापारी हों या सामान खरीदने आने वाले ग्राहक, सभी को लगता है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। मिली जानकारी के मुताबिक यह बाजार संकुल मनपा प्रशासन ने साल 1994 में बनवाया था।
तब से लेकर आज तक, यानी करीब 30 साल में, नागपुर मनपा प्रशासन ने इस इमारत की कभी सुध नहीं ली। हालत यह है कि इतने लंबे अरसे में इमारत पर एक बार भी रंगरोगन नहीं हुआ, रखरखाव की तो बात ही छोड़ दीजिए। सिर्फ मनपा प्रशासन ही नहीं, यहां के जनप्रतिनिधि भी इस मामले में उतने ही उदासीन रहे हैं।
यह इलाका मनपा को अच्छा-खासा राजस्व देता है, फिर भी न तो प्रशासन ने कभी इसके विकास और सुरक्षा पर ध्यान दिया और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कभी इसकी खोज-खबर ली। व्यापारियों का कहना है कि वे नियमित टैक्स और शुल्क भरते हैं, लेकिन बदले में उन्हें सुविधा और सुरक्षा के नाम पर सिर्फ अनदेखी मिली है।
समाजसेवी हाजी अशफाक पटेल ने बताया कि स्थानीय व्यापारियों ने मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर और प्रशासन से कई बार इस संकुल की मरम्मत और रंगरोगन कराने की मांग की है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि इस बाजार संकुल का तुरंत तकनीकी सर्वेक्षण कराया जाए और जल्द से जल्द इसकी मरम्मत और जीणोद्धार किया जाए।
कपड़ा दुकानदार कलीम अहमद कहते हैं कि वे पिछले कई सालों से यहां दुकान चला रहे हैं और दरारों को देखकर हर वक्त डर लगा रहता है कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए। उनके मुताबिक ग्राहक भी ऊपर की मंजिल पर जाने से कतराते हैं। उनका कहना है कि मनपा को तुरंत मरम्मत करानी चाहिए, इससे बाजार में रौनक भी बढ़ेगी।
दुकानदार अब्दुल गफ्फार का कहना है कि मोमिनपुरा का यह बाजार संकुल बीच नागपुर की एक बड़ी कमर्शियल इमारत रही है, लेकिन बनने के बाद से ही इसकी लगातार अनदेखी होती रही है। साल 1994 में निर्माण के बाद से आज तक यहां एक बार भी रंगरोगन या मरम्मत नहीं हुई। उनके मुताबिक आज भी इस संकुल में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है, चारों तरफ बदहाली ही नजर आती है।
स्थानीय युवक जुल्फेकार अहमद शानू कहते हैं कि चुनाव के वक्त बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन इस बाजार संकुल की हालत सुधारने पर कोई बात नहीं करता। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है और सीढ़ियां पूरी तरह खस्ताहाल हो चुकी हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द मरम्मत नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, फिर भी मनपा प्रशासन और जनप्रतिनिधि दोनों इस विकट हालत से बेखबर बने हुए हैं।