बुधवार, 16 सितमबर 2026

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23:27 IST

नागपुर के एनकेपी साल्वे मेडिकल कॉलेज की MBBS फीस 56 फीसदी बढ़ी, अब सालाना 21.75 लाख रुपये

निजी यूनिवर्सिटी बनने के हफ्तों बाद ही फीस में बड़ा उछाल, पूरे कोर्स का खर्च करीब 1.1 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान

नागपुर के एनकेपी साल्वे मेडिकल कॉलेज की MBBS फीस 56 फीसदी बढ़ी, अब सालाना 21.75 लाख रुपये तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज से MBBS करने का सपना देख रहे स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स के लिए फीस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नागपुर के एनकेपी साल्वे इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का प्राइवेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में रूपांतरण होने के कुछ ही हफ्तों बाद MBBS की फीस में 56 फीसदी का इजाफा कर दिया गया है। एकेडमिक सेशन 2025-26 में जहां सालाना फीस 13.95 लाख रुपये थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 21.75 लाख रुपये प्रति साल कर दिया गया है।

नई फीस स्ट्रक्चर में हर साल 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रावधान भी रखा गया है। इस हिसाब से MBBS के पूरे पांच साल की पढ़ाई का कुल खर्च करीब 1.1 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। ये आंकड़े सामने आने के बाद MBBS की बढ़ती फीस को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।

नई फीस के मुताबिक स्टेट कोटे की 40 फीसदी और ऑल इंडिया कोटे की 45 फीसदी सीटों के लिए ट्यूशन और डेवलपमेंट फीस 20.75 लाख रुपये सालाना होगी। इसके अलावा स्टूडेंट्स को हर साल 1 लाख रुपये यूनिवर्सिटी फीस अलग से देनी होगी। साथ ही 5 लाख रुपये की रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट भी ली जाएगी। NRI और OCI स्टूडेंट्स के लिए सालाना फीस 46,650 अमेरिकी डॉलर तय की गई है। वहीं इंस्टीट्यूशनल कोटे से एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए फीस 43 लाख रुपये प्रति साल रहेगी।

एनकेपी साल्वे इंस्टिट्यूट में MBBS की कुल 250 सीटें हैं। प्राइवेट यूनिवर्सिटी में तब्दील होने की प्रोसेस चल रही होने की वजह से ये सीटें अब तक सेंट्रल मेडिकल एडमिशन प्रोसेस में शामिल नहीं की गई थीं। महाराष्ट्र सीईटी सेल के एक अधिकारी के मुताबिक मेडिकल एडमिशन के दूसरे राउंड का टेम्परेरी सीट मैट्रिक्स जारी हो चुका है और फाइनल सीट मैट्रिक्स में इस कॉलेज को शामिल किया जाएगा।

इसी नई प्राइवेट यूनिवर्सिटी का हिस्सा बने नागपुर के रणजीत देशमुख डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर की फीस में भी बढ़ोतरी हुई है। यहां सालाना फीस 4.75 लाख रुपये से बढ़ाकर 5.85 लाख रुपये कर दी गई है। असल में महाराष्ट्र सरकार ने अगस्त के आखिरी हफ्ते में तीन एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस को प्राइवेट यूनिवर्सिटी में बदलने की मंजूरी दी थी। इनमें अहिल्यानगर का डॉ. विठ्ठलराव विखे पाटिल फाउंडेशन मेडिकल कॉलेज, नागपुर का एनकेपी साल्वे इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और रणजीत देशमुख डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च शामिल हैं।

फीस बढ़ोतरी पर मेडिकल एजुकेशन के जानकार ब्रिजेश सुटरिया ने कहा कि इतनी ज्यादा फीस मिडिल क्लास फैमिलीज के लिए बहुत बड़ा आर्थिक बोझ है। उन्होंने पैरेंट्स को सलाह दी है कि NEET UG काउंसलिंग में कॉलेज का ऑप्शन चुनने से पहले पूरे 5.5 साल की पढ़ाई की फीस और बाकी खर्चों का हिसाब जरूर लगा लें।

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