नागपुर के 14 लिटिल मिलेनियम स्कूलों में बच्चों को सिखाई गई पानी बचाने की आदत
ऑरेंज सिटी वाटर और लिटिल मिलेनियम स्कूल ने KG I और KG II के 600 से ज्यादा बच्चों के साथ जल संरक्षण सत्र किए।
नागपुर में ऑरेंज सिटी वाटर (OCW) ने लिटिल मिलेनियम स्कूल के साथ मिलकर पानी बचाने को लेकर जागरूकता सत्र रखे। ये सत्र शहर में लिटिल मिलेनियम की 14 शाखाओं के KG I और KG II के बच्चों के लिए थे। 600 से ज्यादा बच्चे इसमें शामिल हुए।
इस पहल का मकसद शहर की सबसे छोटी पीढ़ी को बचपन से ही पानी की कीमत समझाना और उसे जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की आदत डालना है। सत्रों में बच्चों को बताया गया कि हर एक बूंद बचाना क्यों जरूरी है और रोजमर्रा की जिंदगी में पानी कैसे समझदारी से खर्च किया जाए।
आसान और मजेदार गतिविधियों के जरिए बच्चों को समझाया गया कि उनकी रोज की छोटी-छोटी हरकतें पानी की बर्बादी रोकने में कैसे काम आ सकती हैं। बच्चों को बेवजह पानी बहाने से बचने और सिर्फ जितनी जरूरत हो उतना ही पानी इस्तेमाल करने की सीख दी गई। आयोजकों का कहना है कि ये छोटी आदतें जब सब मिलकर अपनाएं तो पानी बचाने में बड़ा फर्क पड़ता है।
यह जागरूकता अभियान जाफर नगर, दाभा, जरीपटका, गोधनी, राज नगर, श्री नगर, सुरेंद्र नगर, मनीष नगर, बेसा, सूर्या नगर, वर्धमान नगर, न्यू नंदनवन, वाठोड़ा और मेडिकल स्क्वेयर में स्थित लिटिल मिलेनियम की शाखाओं में चलाया गया।
अभियान का केंद्रीय संदेश यही था कि पानी की हर बूंद मायने रखती है। बच्चों को यह भी समझाया गया कि पानी के स्रोतों को बचाना सिर्फ बड़ों की जिम्मेदारी नहीं है, इसमें हर कोई अपना योगदान दे सकता है। बच्चे जो अच्छी आदतें सीखते हैं, वे अपने घर और आसपास के लोगों तक भी पहुंच सकती हैं।
OCW के सीईओ नितेश सिंह ने इस पहल पर कहा, "पानी बचाने की शुरुआत जागरूकता से होती है, और यह जागरूकता हम जितनी जल्दी जगाएंगे, पानी से सुरक्षित भविष्य की नींव उतनी ही मजबूत होगी। इस पहल के जरिए हम बच्चों को हर बूंद की कीमत समझाना चाहते हैं और यह भी दिखाना चाहते हैं कि रोज के छोटे फैसले कितना बड़ा फर्क ला सकते हैं। छोटी उम्र में बच्चों से जुड़कर हम उम्मीद करते हैं कि पानी को लेकर जिम्मेदार आदतें उनके साथ रहेंगी और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का स्वाभाविक हिस्सा बनेंगी। यह पहल ऐसी पीढ़ी तैयार करने की दिशा में एक कदम है जो ज्यादा जागरूक, जिम्मेदार और हमारे सबसे कीमती संसाधन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो।"
OCW का कहना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी के स्रोतों को बचाने और संभालने की उसकी प्रतिबद्धता को दिखाती है। नागपुर भर के बच्चों तक यह संदेश ले जाने का मकसद यह है कि स्कूल के बच्चों में आई जागरूकता घर तक पहुंचे और धीरे-धीरे पूरे शहर में पानी बचाने की संस्कृति बने।
14 शाखाओं के 600 से ज्यादा बच्चों की भागीदारी से यह भी साफ होता है कि पानी के जिम्मेदार इस्तेमाल की जागरूकता फैलाने में स्कूलों और शिक्षा संस्थानों की अहम भूमिका है। पहल का लक्ष्य है कि यह संदेश कक्षाओं से निकलकर घरों और समाज तक पहुंचे।
OCW का कहना है कि पानी को लेकर जागरूक भविष्य की शुरुआत आज जागरूकता फैलाने से होती है। ऐसी सामुदायिक पहलों के जरिए वह पानी के जिम्मेदार इस्तेमाल को बढ़ावा देता रहेगा और इस कीमती संसाधन को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।