मुंबई के ठाकूर कॉलेज ने छात्रों से लिया अतिरिक्त शुल्क लौटाना शुरू किया, अभाविप के आंदोलन का असर
कांदिवली स्थित ठाकूर कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग अँड टेक्नॉलॉजी में महीनों से चल रहे विरोध के बाद प्रशासन झुका, करीब 5 हजार छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद।
मुंबई के कांदिवली (पूर्व) इलाके में स्थित ठाकूर कॉलेज ऑफ इंजिनिअरिंग अँड टेक्नॉलॉजी यानी टीसीईटी में छात्रों से वसूले जा रहे अतिरिक्त शुल्क का मामला आखिरकार सुलझ गया है। कॉलेज प्रशासन ने 'यूनिवर्सिटी फी' और 'स्टूडेंट एड फी' के नाम पर छात्रों से ली गई रकम वापस करना शुरू कर दिया है। इस फैसले से करीब 5 हजार छात्रों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
यह कदम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी अभाविप की लगातार मांग के बाद उठाया गया है। अभाविप का आरोप है कि कॉलेज हर छात्र से 'स्टूडेंट एड फी' के नाम पर 3,000 रुपये और 'यूनिवर्सिटी फी' के नाम पर 6,400 रुपये, यानी कुल 9,400 रुपये वसूल रहा था। संगठन का कहना है कि करीब 5 हजार छात्रों से यह रकम ली जा रही थी, जिससे कॉलेज को हर साल करोड़ों रुपये की कमाई हो रही थी। छात्रों पर पड़ रहे इस आर्थिक बोझ को कम कराने के लिए अभाविप पिछले कई महीनों से इस मुद्दे पर लगातार पाठपुरावा कर रही थी।
कॉलेज प्रशासन की तरफ से जब कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला, तो अभाविप ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। शुल्क वसूली रोकने और पहले ली गई रकम लौटाने की मांग को लेकर अभाविप ने प्रशासन को तीन बार लिखित निवेदन भी दिए थे। लेकिन उसके बाद भी जब उम्मीद के मुताबिक कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो अभाविप के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के गेट के सामने प्रदर्शन किया और धरना भी दिया।
इस आंदोलन के बाद कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से वसूली गई रकम लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इससे शुल्क को लेकर छात्रों की परेशानी को सकारात्मक दिशा मिली है और छात्रों ने भी इस पर संतोष जताया है।
इस मौके पर मुंबई महानगर मंत्री अभिषेक पवार ने कहा, "ठाकूर कॉलेज में छात्रों से 'यूनिवर्सिटी फी' और 'स्टूडेंट एड फी' के नाम पर लिए जा रहे शुल्क को लेकर अभाविप ने लगातार प्रशासन से पाठपुरावा किया। तीन बार निवेदन देने के बाद भी जब उम्मीद के मुताबिक कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्रों के हक के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अब छात्रों से वसूली गई रकम वापस करना शुरू हो गया है, यह संतोष की बात है। छात्रों के शैक्षणिक और आर्थिक हित के लिए अभाविप आगे भी लगातार आवाज उठाती रहेगी। छात्रों पर गैरजरूरी आर्थिक बोझ डालने की कोई भी कोशिश हुई, तो अभाविप उसके खिलाफ डटकर खड़ी रहेगी।"