मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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16:40 IST

मुख्यमंत्री फडणवीस: 2027 को 'मेट्रो वर्ष' बनाएं, अगले साल कम से कम 70 किलोमीटर मार्ग पूरे हों

मुख्यमंत्री फडणवीस: 2027 को 'मेट्रो वर्ष' बनाएं, अगले साल कम से कम 70 किलोमीटर मार्ग पूरे हों
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए हैं कि 2027 को 'मेट्रो वर्ष' माना जाए। इस साल के बाकी पड़े कामों के साथ अगले साल कम से कम 70 किलोमीटर लंबाई के मेट्रो मार्ग पूरे किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर 2026 तक 36 किलोमीटर के जो मेट्रो मार्ग पूरे होने हैं, उनका दायरा 50 किलोमीटर तक ले जाने के लिए कामों की रफ्तार बढ़ाई जाए।

यह बात मुख्यमंत्री ने सह्याद्री अतिथिगृह में हुई बैठक में कही। बैठक पायाभूत सुविधा प्रकल्पों के लिए बनाए गए मुख्यमंत्री वॉर रूम की थी, जिसमें फडणवीस ने अलग-अलग प्रकल्पों का आढावा लिया। नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ बैठक में मौजूद थीं।

फडणवीस ने अधिकारियों से कहा कि काम तय मुदत में पूरे करने हैं, इसलिए प्रकल्पों पर कम से कम 50 टक्के काम यांत्रिकीकरण पर आधारित होना चाहिए। कौशल वाले कामगार मिलेंगे या नहीं, यह पक्का किया जाए और मजदूरों की कमी का हल यांत्रिकीकरण से निकाला जाए।

मेट्रो मार्गिका 2-ब में डी. एन. नगर से चेंबूर के रास्ते पर जुहू सर्कल के पास गर्डर का काम बाकी है। इसे पूरा करने के लिए जरूरत के हिसाब से रविवार को 12 घंटे के विशेष रोड ब्लॉक का नियोजन करने को कहा गया है। काम की मौजूदा हालत देखकर अगले रोड ब्लॉक का फैसला लिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इससे नागरिकों को कम से कम तकलीफ हो, इसका ध्यान रखा जाए।

शिवडी से वरली उन्नत मार्गिका की जोड़ाई 31 मई 2027 से पहले पूरी करके यह रास्ता नागरिकों के लिए खोलना है। फडणवीस ने कहा कि कोई भी नया रास्ता दूसरे रास्ते से जोड़ते समय वहां ट्रैफिक जाम न हो, इसके लिए पहले से नियोजन किया जाए। वाकोला जंक्शन के ट्रैफिक जाम का हल तकनीक की मदद से तुरंत खोजा जाए। पश्चिम द्रुतगती महामार्ग पर जाम वाली जगहें ढूंढकर वहां जरूरी उपाय किए जाएं, ऐसे निर्देश भी उन्होंने दिए।

सुरक्षा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएमआरडीए, मुंबई महापालिका और दूसरी एजेंसियां जमीन के नीचे की नागरी सुविधाओं का नया 'मैपिंग' करें। ऐसी व्यवस्था बने कि नागरी सुविधा या पायाभूत सुविधा के काम के समय यह जानकारी आसानी से मिल जाए और प्रकल्प पूरा होने में कम वक्त लगे।

जहां पायाभूत सुविधाओं के काम चल रहे हैं, वहां नागरिकों और कामगारों की सुरक्षा के लिए मार्गदर्शक फलक, बैरिकेड्स और दूसरे सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। फडणवीस ने यह भी निर्देश दिया कि प्रकल्प की जगह पर सारे सुरक्षा इंतजाम करने वाली एक अलग कंपनी बनाई जाए और इन सेवाओं के लिए बेहद कम दर का नया बिजनेस मॉडल तैयार किया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव (महसूल) विकास खारगे, अपर मुख्य सचिव (नगर विकास) के. गोविंदराज, मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी और अपर मुख्य सचिव (जलापूर्ति) पराग जैन वगैरह मौजूद थे।

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