MPSC छात्रों की मांगें मानी गईं, सचिव का तबादला, 3 महीने में न्यायिक जांच
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने MPSC के छात्र प्रतिनिधियों से बैठक में पांच बड़े फैसले लिए, छात्रों ने 2 अक्टूबर का आंदोलन फिलहाल टाला।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के छात्रों की अलग-अलग मांगों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक उच्चस्तरीय बैठक में छात्र प्रतिनिधिमंडल से विस्तार से बात की। बैठक में मुख्यमंत्री ने छात्रों की सभी मांगों पर बेहद सकारात्मक रुख अपनाया और कई अहम फैसलों का ऐलान किया।
इन फैसलों का स्वागत करते हुए छात्रों ने 2 अक्टूबर को होने वाला अपना राज्यव्यापी आंदोलन फिलहाल स्थगित करने की घोषणा कर दी है।
पहला फैसला न्यायिक जांच का है। संविधान के अनुच्छेद 317 के मुताबिक MPSC के अध्यक्ष और सदस्यों को सिर्फ राष्ट्रपति ही सुप्रीम कोर्ट की सलाह से हटा सकते हैं। छात्रों की मांग के मुताबिक पूर्व और मौजूदा अध्यक्ष तथा सदस्यों के खिलाफ तीन महीने के भीतर उचित न्यायिक जांच की जाएगी। उस जांच के नतीजों के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई होगी।
दूसरा फैसला MPSC के सचिव के बारे में है। छात्रों के जोरदार आग्रह पर सचिव का तुरंत तबादला करने का फैसला लिया गया है।
तीसरा फैसला परीक्षा के तरीके को लेकर है। आने वाले समय में MPSC की सभी परीक्षाएं सिर्फ ऑफलाइन ही होंगी। सभी छात्र संगठनों और संबंधित पक्षों से विस्तार से चर्चा किए बिना परीक्षा पद्धति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
चौथा फैसला खाली पदों की भर्ती का है। राज्य सरकार में 1960 के बाद भर्ती नियमों में कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ था, जिसकी वजह से सिर्फ 30 से 40 प्रतिशत पदों पर ही भर्ती की इजाज़त मिलती थी। अब 60 प्रतिशत से ज्यादा विभागों के नए नियम बन चुके हैं और बाकी का काम तेजी से चल रहा है। आने वाली 3 जनवरी को होने वाली गट 'क' (Group-C) परीक्षा में रिकॉर्ड संख्या में खाली पदों की भर्ती की जाएगी।
पांचवां फैसला 'सिंगल कार्ड' का है। छात्रों को बार-बार अलग-अलग परीक्षाओं के लिए आवेदन करने और कागजात जोड़ने की परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए एक 'सिंगल कार्ड' की व्यवस्था शुरू की जाएगी। यह कार्ड बहुत मामूली शुल्क में मिलेगा।
इसके साथ ही सरकार अब अगले तीन साल के खाली पदों की घोषणा एक साथ करेगी। रिटायर होने वाले कर्मचारियों की जगह पर भर्ती प्रक्रिया एक साल पहले ही शुरू हो जाएगी। एक महीने के भीतर पूरी भर्ती का समयबद्ध कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।