मोजतबा खामेनी पूरी तरह ठीक हैं, न्यूयॉर्क में पेझेश्कियान का दावा, 7-8 घंटे साथ बिताए
इराण के राष्ट्रपति मसूद पेझेश्कियान ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों से कहा कि सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनी की सेहत को लेकर उड़ रही सारी अफवाहें झूठी हैं।
इराण और इस्राइल-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पिछले कुछ महीनों से पूरी दुनिया में इराण के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनी की सेहत और उनके अस्तित्व को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। खासकर अमेरिकी और इस्राइली मीडिया में दावा किया गया था कि मोजतबा खामेनी बेहद गंभीर बीमार हैं और उनके शरीर के अहम अंग काम करना बंद कर चुके हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी खुद मोजतबा की सेहत पर सवाल उठाए थे।
लेकिन संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के सिलसिले में न्यूयॉर्क पहुंचे इराण के राष्ट्रपति मसूद पेझेश्कियान ने इन तमाम अफवाहों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। न्यूयॉर्क में अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी पत्रकारों से बातचीत करते हुए पेझेश्कियान ने मोजतबा खामेनी की सेहत को लेकर आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने कहा, "ठीक एक महीने पहले मैं इराण के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनी से खुद मिला था। उनकी सेहत बिल्कुल बढ़िया है और उनके शरीर के सारे अहम अंग पूरी तरह सही-सलामत हैं।" पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात और अमेरिका के दबाव के इस दौर में इराण के राष्ट्रपति की यह सफाई काफी अहम मानी जा रही है।
पत्रकारों से और तफसील में बात करते हुए राष्ट्रपति पेझेश्कियान ने अपनी मुलाकात का पूरा नजारा बयां किया। उन्होंने कहा, "मैंने मोजतबा के साथ करीब सात से आठ घंटे लगातार बातचीत की। हम दोनों एक ही जगह तकियों पर बैठकर बड़े इत्मीनान से देश के अहम फैसलों पर बात कर रहे थे। बातचीत के बीच में हम कुछ देर टहले भी।" उन्होंने पश्चिमी मीडिया के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, "जो शख्स लगातार आठ घंटे बैठकर इतने गहरे मसलों पर चर्चा कर सकता है, वो बीमार कैसे हो सकता है?"
पेझेश्कियान ने साफ किया कि मोजतबा के हाथ काटे जाने या उनके बिस्तर पर पड़े होने की बातें सिर्फ झूठी अफवाहें और प्रोपेगंडा हैं। उन्होंने अमेरिकी पत्रकारों के सामने पूरे भरोसे से कहा, "मैंने उन्हें खुद देखा है, छुआ है और उनसे लंबी बातचीत की है।"
पत्रकारों ने पेझेश्कियान से सीधा सवाल पूछा कि क्या इराण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश कर रहा है। इस पर राष्ट्रपति ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "इराण ऐसी सियासी हत्याओं के बारे में कभी नहीं सोचता, यह हमारी संस्कृति नहीं है। लेकिन अमेरिका ने जरूर इराण के सर्वोच्च नेतृत्व को निशाना बनाने की सोची और हमें जंग में धकेला।" उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों और आर्थिक पाबंदियों से इराण को बड़ा नुकसान हुआ है, और आगे भी अमेरिका और नुकसान पहुंचा सकता है, इसका इराण को अंदाजा है। फिर भी चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, इराण की जनता और उसका नेतृत्व वॉशिंगटन की दबंगई भरी नीतियों के आगे कभी नहीं झुकेगा, यह चेतावनी पेझेश्कियान ने दी।
गौरतलब है कि इराण के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी के निधन के बाद मार्च महीने में वोटिंग का अधिकार रखने वाले 50 धार्मिक नेताओं की एक समिति ने मोजतबा खामेनी को इराण का नया सर्वोच्च नेता चुना था। लेकिन सुरक्षा वजहों से सर्वोच्च नेता की कुर्सी संभालने के बाद से मोजतबा सार्वजनिक तौर पर कभी सामने नहीं आए और पूरी तरह अंडरग्राउंड रहे हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए हो या इस्राइली खुफिया एजेंसी मोसाद, किसी को भी अभी तक मोजतबा के ठिकाने का कोई पक्का सुराग नहीं मिला है। फिर भी इराण के तमाम अहम सैन्य, सियासी और आर्थिक फैसलों पर आखिरी मुहर मोजतबा की ही लगती है, और सोशल मीडिया व सरकारी चैनलों के जरिए उनके नाम से नियमित बयान जारी होते रहते हैं। राष्ट्रपति पेझेश्कियान के इस बयान से मोजतबा खामेनी की सेहत को लेकर उठा शक का तूफान अब थमता दिख रहा है।