मारुति के पास 2 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बुकिंग पेंडिंग, डीलरों के पास 17 दिन का स्टॉक
1 अक्टूबर 2026 तक मारुति के पास 2 लाख से ज्यादा बुकिंग पेंडिंग हैं और कंपनी ने प्रोडक्शन बढ़ाने का फैसला किया है।
त्योहारों का सीज़न आने से पहले मारुति सुज़ुकी की गाड़ियों की मांग जोरदार है। 1 अक्टूबर 2026 तक कंपनी के पास 2 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बुकिंग पेंडिंग थी। मांग बढ़ने से डीलर नेटवर्क के पास सिर्फ 17 दिन का स्टॉक बचा है। ग्राहकों को वक्त पर डिलिवरी देने के लिए कंपनी ने अब अपना प्रोडक्शन बढ़ाने का फैसला किया है।
इस तेजी में सबसे ज्यादा चर्चा नई ब्रेज़ा (Brezza 2026) की है। इस कॉम्पैक्ट SUV को अब तक 95,000 से ज्यादा बुकिंग मिल चुकी हैं। एक-दो दिन में यह आंकड़ा 1 लाख के पार जाने की संभावना है। सितंबर महीने में कंपनी ने ब्रेज़ा की 15,000 से ज्यादा यूनिट बेचीं।
मांग पूरी करने के लिए हरियाणा के खरखोदा प्लांट में उत्पादन बढ़ाया गया है। नतीजा यह कि कंपनी की मासिक SUV सप्लाई क्षमता 50,000 से बढ़कर 56,000 यूनिट हो गई है।
नई ब्रेज़ा में दो बड़े बदलाव किए गए हैं, जिन्हें ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। एक, 1000 सीसी का नया टर्बो पेट्रोल इंजन का ऑप्शन। दूसरा, अंडरबॉडी सीएनजी टैंक। इसकी वजह से सीएनजी वाले ग्राहकों को अब गाड़ी में पहले से ज्यादा बूट स्पेस मिल रहा है।
बुकिंग के आंकड़ों में सीएनजी वर्ज़न 40 टक्के हिस्सेदारी के साथ सबसे ऊपर है। टर्बो पेट्रोल वर्ज़न की हिस्सेदारी 38 टक्के है और 1.5 लिटर पेट्रोल वर्ज़न की 22 टक्के।
माइलेज को लेकर दावा किया जा रहा है कि ब्रेज़ा सीएनजी 26.9 किलोमीटर प्रति किलो देती है, जबकि टर्बो पेट्रोल इंजन 20.47 किलोमीटर प्रति लिटर देता है। नई मारुति सुज़ुकी ब्रेज़ा की एक्स-शोरूम कीमत 7.50 लाख रुपये से शुरू होती है और टॉप मॉडल के लिए 13.70 लाख रुपये तक जाती है।
सिर्फ ब्रेज़ा ही नहीं, मारुति की अपडेटेड बलेनो भी पहले महीने में करीब 25,000 यूनिट की बिक्री के साथ आगे है। इससे साफ है कि छोटी कारों और सेडान की मांग अब भी बनी हुई है।
सितंबर 2026 में मारुति ने कुल 2,36,013 यूनिट बेचीं। इनमें 1,91,794 यूनिट की कुल देशांतर्गत बिक्री है और 44,211 से ज्यादा कारों का एक्सपोर्ट शामिल है। विदेशी बाजार में भी मांग अच्छी है। अप्रैल से सितंबर के बीच कंपनी का एक्सपोर्ट 2.32 लाख पर पहुंच गया है। बढ़ती बुकिंग के मुकाबले ग्राहकों तक वक्त पर गाड़ियां पहुंचाना अब कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।