मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:47 IST

मराठी थ्रिलर 'मृत्यूचक्र' का ट्रेलर लॉन्च, 23 अक्टूबर को महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में

मराठी थ्रिलर 'मृत्यूचक्र' का ट्रेलर लॉन्च, 23 अक्टूबर को महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मराठी सस्पेंस-थ्रिलर 'मृत्यूचक्र' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म इंसानी वजूद, कर्म के रहस्य, मौत के अटल चक्र और एक के बाद एक होने वाली अनजानी घटनाओं की कहानी है। रिलीज से पहले ही इस ट्रेलर ने दर्शकों में उत्सुकता जगा दी है। फिल्म 23 अक्टूबर को पूरे महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में लगेगी।

ट्रेलर लॉन्च का कार्यक्रम हाल ही में हुआ। इसमें सिद्धिविनायक मंदिर न्यास के विश्वस्त राजाराम देशमुख, अखिल भारतीय चित्रपट महामंडळ के अध्यक्ष मेघराजराजे भोसले और उपाध्यक्ष धनाजी यमकर मुख्य मेहमान के तौर पर मौजूद थे।

फिल्म श्री महादेव फिल्म प्रॉडक्शन की पेशकश है और इसे अध्यांश मोशन पिक्चर ने बनाया है। निर्माता प्रणाली उन्मेश वाघमोडे हैं। निर्देशन की जिम्मेदारी विलास वाघमोडे और अनुप्रिता कडू-गंगावणे ने संभाली है।

ट्रेलर में एक रहस्यमय चक्र की टिक-टिक सुनाई देती है। धुंधली रोशनी में पुरानी इमारतें दिखती हैं, अंधेरे का साया है, सीरियल किलर का खौफ है और सन्नाटे को चीरता डरावना बैकग्राउंड म्यूजिक है। गांव के माहौल से जुड़े पहनावे और किरदारों के चेहरों पर अनजाने भाव कहानी के गहरे राज की ओर इशारा करते हैं।

अस्पताल के सीन, मेडिकल हकीकत और इंसानी समझ से परे रहस्यमय ताकतों की टक्कर सस्पेंस को और बढ़ा देती है। ट्रेलर में हर पल कहानी में नया मोड़ आने का एहसास होता है। "शुरुआत वहीं होती है, जहां अंत हुआ था, चक्र मौत का, मृत्यूचक्र" यह संदेश उत्सुकता बढ़ाता है। "हर मौत के पीछे एक अदृश्य साया है" इस लाइन ने फिल्म के गिर्द रहस्य और गहरा कर दिया है।

निर्देशक ने ट्रेलर पर कहा कि 'मृत्यूचक्र' सिर्फ रहस्य और थ्रिल का खेल नहीं है, बल्कि मौत, कर्म और इंसानी वजूद को अलग नजर से देखने का अनुभव है। उनके मुताबिक ट्रेलर में फिल्म की सिर्फ झलक दिखाई गई है, और उसके पीछे का राज और हर घटना के पीछे का धागा जानबूझकर दर्शकों से छिपाकर रखा गया है। उनकी कोशिश है कि ट्रेलर देखकर जो उत्सुकता पैदा हुई, वह सिनेमाघर पहुंचने तक बनी रहे। निर्देशक को भरोसा है कि फिल्म दर्शकों को सिर्फ डराएगी नहीं, बल्कि खत्म होने के बाद भी कुछ सवाल उनके मन में छोड़ जाएगी।

फिल्म में शशांक शेंडे, अक्षया गुरव, पुष्कराज चिरपुटकर, आस्ताद काळे, वर्षा दांदळे, कृतिका तुळसकर, सानिका बनारसवाले, संजय शेजवळ, शलाका गाडे, शरा गायकवाड, जितेंद्र पोळ और अनिल रबाळे की भूमिकाएं हैं। फिल्म की मूल कहानी डॉ. सुधीर निकम की है, जबकि पटकथा और संवाद विलास वाघमोडे और डॉ. सुधीर निकम ने लिखे हैं।

रोहन शहा फिल्म के क्रिएटिव्ह प्रोड्यूसर हैं। जयेश मिस्त्री की यूजेएम नेटवर्क्स अँड एंटरटेनमेंट एलएलपी के जरिए फिल्म पूरे महाराष्ट्र में रिलीज की जाएगी। संगीत और बैकग्राउंड म्यूजिक केदार दिवेकर का है। वलय मुळगुंद के गीतों को सुहास सावंत और शमिका भिडे ने आवाज दी है।

छायांकन डिओपी निशांत भागवत का है और एडिटिंग राहुल भातणकर ने की है। प्रोडक्शन डिजाइनर मयूर पवार, कला दिग्दर्शक कुणाल वेदपाठक, कॉस्ट्यूम डिजाइनर किर्ती जंगम जोशी और मेकअप आर्टिस्ट संतोष गायके हैं।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे