मराठी स्कूल बंद न करने की अपील, ABVP ने राज्यमंत्री पंकज भोयर से की चर्चा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री पंकज भोयर (Dr. Pankaj Bhoyar) से मुलाकात की। राज्य की स्कूली और जूनियर कॉलेज की शिक्षा से जुड़े कई सवालों पर इस दौरान विस्तार से बातचीत हुई। अभाविप ने पहले सरकार को जो 15 सूत्री निवेदन दिया था, उसके साथ प्रवेश प्रक्रिया, शिक्षक भर्ती, संचमान्यता, मराठी स्कूलों को मजबूत करने, परीक्षाओं में गड़बड़ी, प्राइवेट ट्यूशन क्लास और ऑनलाइन प्रक्रिया की दिक्कतों पर सुझाव और मांगें रखीं।
कम पटसंख्या के आधार पर मराठी और सरकारी स्कूल बंद करने के बजाय उनकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अलग कृति आराखडा और विशेष कृतिदल बनाने की मांग अभाविप ने की।
टीईटी और दूसरी परीक्षाओं में पेपर लीक होने की घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग भी रखी गई। इसके साथ 2016 में कोल्हापुर में हुए टीईटी पेपर लीक की जानकारी और उस पर की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने की मांग भी हुई।
अभाविप ने बताया कि 11वीं की प्रवेश प्रक्रिया शैक्षणिक वर्ष शुरू होने के बाद भी अक्सर लंबे समय तक चलती रहती है, जिसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। ऑनलाइन प्रवेश से पारदर्शिता बढ़ी है, लेकिन तकनीकी दिक्कतें, सीट आवंटन की गलतियां और गांव के विद्यार्थियों को ऑनलाइन फॉर्म भरने में आने वाली परेशानियां बनी हुई हैं। इन्हें दूर करने के लिए असरदार व्यवस्था बनाने की मांग की गई। 12वीं में प्रवेश और कॉलेज बदलने की प्रक्रिया को आसान करने पर भी बात हुई।
शिक्षकों के खाली पद तुरंत भरने, टीईटी-टैट परीक्षाओं का तय सालाना टाइमटेबल जारी करने और गांव व दुर्गम इलाकों के स्कूलों को जरूरी बुनियादी सुविधाएं देने की मांग भी रखी गई।
अभाविप ने स्कूल, जूनियर कॉलेज और प्राइवेट ट्यूशन क्लास के बीच अनैतिक सांठगांठ पर रोक लगाने, इंटीग्रेटेड ट्यूशन की फीस को नियमों में बांधने और स्कूल-कॉलेज तथा ट्यूशन क्लास के समय में सही फासला रखने की मांग की। संचमान्यता, आधार वेरिफिकेशन, यू-डायस वेबसाइट की तकनीकी दिक्कतों और शिक्षकों के अलग-अलग सवालों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
मुंबई और आसपास के जूनियर कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ अलग से संवाद करने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि प्रवेश प्रक्रिया और शिक्षा के सवालों पर बात हो सके। अभाविप की ओर से बताया गया कि ऑनलाइन प्रक्रिया, प्रवेश आवंटन और संचमान्यता पर विस्तृत सुझाव सरकार को सौंपे जाएंगे।
इस मौके पर पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत मंत्री अथर्व कुलकर्णी, देवगिरी प्रांत मंत्री वरुणराज नन्नवरे, कोकण प्रांत सहमंत्री शांतनू बिरोजे, मुंबई महानगर मंत्री अभिषेक पवार, मुंबई महानगर सहमंत्री सानिका जोशी और अलका यादव समेत अभाविप के पदाधिकारी मौजूद थे।