मक्का समझौते से बचने के लिए पाकिस्तान जंग छेड़ रहा है, तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद का आरोप
कंधार में मदरसे के कार्यक्रम में तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए, पाकिस्तान ने अपने हमलों को आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई बताया
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच राजनयिक और सैन्य तनाव बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने पाकिस्तान पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि इस्लामाबाद जानबूझकर अफगानिस्तान के साथ जंग जैसे हालात बना रहा है। गुरुवार को अफगानिस्तान के कंधार में एक धार्मिक मदरसे के कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुजाहिद ने पाकिस्तान की सैन्य नीतियों पर तीखा हमला बोला।
मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत अपनी जिम्मेदारियों से भागने के लिए सीमा पर नफरत और जंग का माहौल भड़का रहा है। उन्होंने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि सऊदी अरब के साथ हुए मक्का समझौते की शर्तों और जिम्मेदारियों से बचने के लिए ही पाकिस्तान अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई कर रहा है, ताकि दुनिया के सामने यह तस्वीर बनाई जा सके कि पाकिस्तान अफगानिस्तान से जंग में उलझा हुआ है।
अपने भाषण में तालिबान प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान बार-बार अफगानिस्तान की सीमा पर सैन्य हमले करके एक राजनीतिक और रणनीतिक खेल खेल रहा है। उनका कहना था कि इस समय पाकिस्तान में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज से हालात बेहद खराब हैं, और इन्हीं घरेलू समस्याओं और जनता की नाराजगी से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान ने हाल में अफगानिस्तान पर हमले किए हैं। मुजाहिद के मुताबिक, ठीक इसी वजह से पाकिस्तानी फौज अफगान इलाकों को निशाना बना रही है।
कंधार, पक्तिया और खोस्त प्रांतों में पाकिस्तान ने हाल ही में भीषण हवाई और ड्रोन हमले किए हैं। अफगान अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इन हवाई हमलों में चार बेगुनाह अफगान नागरिकों की मौत हो गई। खास बात यह है कि कंधार को तालिबान के सबसे बड़े नेता हिबतुल्ला अखुंदजादा का मुख्य गढ़ माना जाता है, इसलिए इस इलाके पर हुए हमलों से तालिबान प्रशासन में जबरदस्त गुस्सा है।
दूसरी तरफ पाकिस्तान के सूचना मंत्री और सैन्य सूत्रों ने इन हमलों का बचाव करते हुए इस्लामाबाद का पक्ष रखा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान में 10 अलग-अलग सैन्य और आतंकी ठिकानों पर बेहद सटीक हमले किए हैं। हालांकि पाकिस्तान ने इन सभी 10 ठिकानों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की, फिर भी इस्लामाबाद ने दोहराया कि अफगान जमीन से पाकिस्तान विरोधी आतंकी गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
पाकिस्तान का दावा है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल करके उसकी सीमा में लगातार आतंकी हमले और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं, और अपने देश की अखंडता तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए यह जवाबी कार्रवाई जरूरी थी। वहीं काबुल की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के सारे आरोपों को खारिज कर दिया है और साफ कहा है कि उसकी जमीन से किसी भी देश को कोई खतरा नहीं है। दोनों तरफ के इन उलटे दावों की वजह से दक्षिण एशिया के इन दो पड़ोसी देशों के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जिससे इलाके की शांति के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है।